कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर सियासी घमासान तेज हो गया है. टीएमसी सांसद अभिषेक के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है. इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अब बंगाल में हालात बदल चुके हैं और जिन लोगों ने वर्षों तक डर और दबाव में आवाज नहीं उठाई, वे अब खुलकर सामने आ रहे हैं.
दिलीप घोष ने कहा कि अभिषेक बनर्जी, ममता बनर्जी या उनके नेताओं ने जितना अत्याचार और अनाचार किया, उस समय लोग शिकायत करने से डरते थे. पुलिस भी शिकायत दर्ज नहीं करती थी, लेकिन अब पुलिस भी तैयार है और जनता भी तैयार है. जो भी पीड़ित हैं, उन्हें न्याय दिलाया जाएगा.
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान राजनीतिक विरोधियों, आम लोगों और कई कार्यकर्ताओं पर दबाव बनाया गया था। घोष ने कहा कि अब राज्य में कानून के मुताबिक कार्रवाई होगी और किसी को भी बचाया नहीं जाएगा. उनके इस बयान के बाद बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है. विपक्ष लगातार TMC नेताओं पर सत्ता के दुरुपयोग और प्रशासनिक दबाव बनाने के आरोप लगाता रहा है, जबकि तृणमूल कांग्रेस इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताती रही है. एफआईआर को लेकर बीजेपी इसे सच सामने आने की शुरुआत बता रही है, वहीं टीएमसी नेताओं का कहना है कि विपक्ष केवल राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है. आने वाले दिनों में यह मामला बंगाल की राजनीति में और बड़ा मुद्दा बन सकता है, क्योंकि दोनों दल अब खुलकर आमने-सामने दिखाई दे रहे हैं.