Kolkata Doctor Rape Murder Case: पॉलीग्राफ टेस्ट में ऐसा क्या मिला, बंगाल का पूरा केस घूम गया

Global Bharat 26 Aug 2024 05:12: PM 3 Mins
Kolkata Doctor Rape Murder Case: पॉलीग्राफ टेस्ट में ऐसा क्या मिला, बंगाल का पूरा केस घूम गया

अभिषेक चतुर्वेदी

कोलकाता महिला डॉक्टर रेप-मर्डर केस (Kolkata Doctor Rape Murder Case) में जो सीबीआई संजय रॉय को मुख्य आरोपी मानकर चल रही थी, कोर्ट में भी ये कह चुकी थी कि साहब, इसने हमारे सामने सब सच कबूला है और यही दोषी है, उस सीबीआई का दिमाग 24 घंटे पहले मिला एक सबूत हिला देता है, और जांच की आंच ममता बनर्जी तक पहुंचने की चर्चा होने लगती है, पर ममता वाले सवाल पर आएं उससे पहले सुनिए कैसे 180 मिनट के एक टेस्ट ने पूरा केस घूमा दिया.

जगह- पश्चिम बंगाल की प्रेसिडेंसी जेल, तारीख- 25 अगस्त 2024, सीबीआई के दो बड़े अधिकारी और जेल के एक बड़े अधिकारी उस कमरे में दाखिल होते हैं, जहां इस केस के मुख्य आरोपी संजय रॉय को काफी देर से बिठाकर रखा गया होता है. उसके हाथ और शरीर पर कई तार लगे होते हैं, उसे कहा जाता है झूठ बोलोगे तो पकड़े जाओगे, वो बोलना शुरू करता है और कहता है...9 अगस्त की रात जब मैं सेमिनार हॉल में पहुंचा, तो वो जिंदा नहीं थी. हमने कुछ किया ही नहीं है. असली आरोपी मैं नहीं हूं, मुझे छोड़ दीजिए.

लेकिन संजय रॉय इस सवाल पर फंस जाता है कि तुम्हारा डीएनए और उस लड़की का डीएनए कैसे मिला, क्या वो नशे की हालत में था, इसलिए उसे सही से सबकुछ याद नहीं आया. या फिर जो संजय रॉय पहले दिन ये कह रहा था कि मुझे सख्त से सख्त सजा दो, मैं ही दोषी हूं, वो पुलिसिया तरीकों और सीबीआई की पूछताछ से तंग आकर ऐसा कहने लगा है, कोर्ट में जाकर जज साहब को कहने लगा साहब मुझे सोना है, जो टेस्ट करवाना है करवा लीजिए, पर दोषी मैं नहीं हूं. मतलब संजय रॉय अब टूट चुका है, और टूटने की बारी अब संदीप घोष की है. 

  • संदीप घोष से अब तक सीबीआई 100 घंटे से ज्यादा पूछताछ कर चुकी है
  • संदीप घोष और उसके करीबियों के घर से CBI को कुछ बड़ा सबूत मिला है

इसीलिए जांच के इतने दिन बाद पहली बार सीबीआई ने एक मीडिया चैनल के कैमरे पर कहा कि बहुत कुछ मिला है, जांच के बाद पूरी बात बताएंगे, लेकिन ऐसी ख़बर सामने आई है कि सीबीआई को इस केस से ममता बनर्जी के फैमिली डॉक्टर का नाम जुड़ता भी मिला है. जिसकी कहानी ये है कि 9 अगस्त को जब अस्पताल में ये घटना हुई तो हॉस्पिटल में पहुंचने वालों में चार नाम सबसे खास थे. जिसमें सुशांता रॉय, अविक डे और संदीप घोष को एक ही लॉबी का हिस्सा कहा जाता है. जिन्हें मेडिकल की फील्ड में 'नॉर्थ-बंगाल' लॉबी के नाम से जाना जाता है.

आरजी कर अस्पताल के ऑर्थोपेडिक डिपार्टमेंट के एक स्टूडेंट बताते हैं, 'इस लॉबी पर श्यामापदा दास का हाथ है, जो ममता बनर्जी के फैमिली डॉक्टर हैं. इस खुलासे के बाद बंगाल की सियासत में ऐसा हड़कंप मचा कि बीजेपी तत्काल इस्तीफे की मांग करने लगी, वहां राष्ट्रपति शासन की चर्चा ने जोर पकड़ लिया. पर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल दिल्ली दौरे पर आते हैं, यहां रिपोर्ट सौंपते हैं, उसके बाद मीडिया को इंटरव्यू देते हैं, लेकिन कहीं भी इस बात का जिक्र नहीं होता कि पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगने वाला है, तो सवाल ये उठता है कि ऐसे न्याय कैसे मिलेगा.

डॉक्टर बिटिया को इंसाफ दिलाने के लिए सीबीआई की जो टीम दिन-रात मेहनत कर रही है, जिसने अब ये पता किया है कि उस रात 2.45 बजे तक उस लड़की का फोन ऑन था, और उसने बकायदा किसी को मैसेज भी किया था, क्या वो न्याय दिलवा पाएगी या फिर सुशांत केस की तरह ये भी उलझकर रह जाएगा. ये बड़ा सवाल है जो लोगों के दिमाग में इस घटना के इतने दिन बीत जाने के बाद उठ रहे हैं, खुद लड़की के मां-बाप अब ये कहने लगे हैं कि सीबीआई से भरोसा था लेकिन जांच की रफ्तार काफी धीमी है.

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