Lawrence Goldy Rivalry: क्या लॉरेंस बिश्नोई को अपने ही किसी पुराने दोस्त से खतरा है? क्या खुद को हिन्दू डॉन बताना लॉरेंस के लिए अब खतरनाक होता जा रहा है? क्या लॉरेंस गैंग अब दो टुकडों में बंट चुका है? और क्या अब गोल्डी बराड़ ने पुराने जिगरी लॉरेंस को छोड़ अपना अलग रास्ता चुन लिया है, और इस रास्ते में खालिस्तानी भी गोल्डी के साथी बनने वाले हैं? जो गोल्डी कल तक लॉरेंस के इशारों पर गोली चलाता था वही गोल्डी अब लॉरेंस पर गोली चलवाएगा? ऐसे तमाम सवाल इन दिनों मीडिया से लेकर लॉरेंस गैंग में इंट्रेस्ट रखने वालों के दिमाग में चल रहे हैं. क्योंकि हालात कुछ ऐसे हो चुके हैं कि जहां कल तक एक दूसरे के बिना एक कदम भी नहीं चलने वाले लॉरेंस और गोल्डी की दोस्ती खत्म होने की चर्चाएं चल बैठी हैं, लेकिन इसके पीछे की असली वजह क्या है?
कुछ दिन पहले हुई घटनाओं से चली चर्चाएं
लॉरेंस और गोल्डी बराड़ अलग हो चुके हैं ये चर्चाएं उस वक्त शुरू हुईं, जब कनाडा में एक बिजनेसमैन हरजीत सिंह धड्डा की हत्या हो जाती है, इस हत्या की जिम्मेदारी गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा लेते हैं, हमेशा की तरह से ही इस बार भी सोशल मीडिया पर पोस्ट डाल कर अपने लोगों तक संदेश पहुंचा दिया जाता है कि ये हत्या गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा ने कराई है, लेकिन इस बार पोस्ट में एक चीज अलग थी, पहले की तरह से इस बार लॉरेंस बिश्नोई का नाम पोस्ट में मौजूद नहीं था. जो कि हमेशा होता था.
इसके बाद हरियाणा के पंचकूला में एक हत्या होती है, ये हत्या सोनू नोल्टा पहलवान की हुई थी, सोनू की हत्या पीयूष नाम का युवक अपने साथियों के साथ मिलकर करता है, जिसके बाद भी एक सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर इसकी जिम्मेदारी ली जाती है, अनमोल बिश्नोई की तरफ से, इस पोस्ट में केवल अनमोल बिश्नोई का नाम होता है, बिश्नोई भाइयों की तरफ से भी ऐसा पहली बार होता है कि किसी वारदात में केवल बिश्नोई का नाम लिया गया हो, इस पोस्ट में गोल्डी बराड़ या रोहित गोदारा का कोई जिक्र नहीं होता. जिसके बाद ये तस्वीर लगभग साफ हो जाती है कि लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ अलग हो चुके हैं.
दोस्ती में दरार के पीछे खालिस्तानी कनेक्शन!
अब जरा इन लोगों की दोस्ती टूटने की वजह पर भी बात कर लेनी चाहिए, दरअसल लॉरेंस बिश्नोई खुद को एक हिंदू डॉन की तरह दिखाता है, उसे खालिस्तानी आतंकियों का दुश्मन माना जाता है. कई रिपोर्ट तो यहां तक दावा करती हैं कि कई खालिस्तानी आतंकियों के मर्डर में लॉरेंस बिश्नोई का हाथ है. जबकि गोल्डी बराड़ की कहानी इसके बिल्कुल अलग है, गोल्डी का कनेक्शन खालिस्तानी आतंकियों के साथ भी काफी बढ़ चुका है, वो कनाडा में रह कर गैंग को ऑपरेट करता था, जिसे खालिस्तानियों का गढ़ माना जाता है, और वहीं उसके संपर्क कई खालिस्तानियों के साथ हो चुके हैं. भारत की तरफ से गोल्डी बराड़ को 2024 में आतंकी भी घोषित किया जा चुका है. सूत्रों के हवाले से ये खबर सामने आई है कि लॉरेंस को गोल्डी का खालिस्तानियों के साथ संबंध बनाना पसंद नहीं था, वो नहीं चाहता था कि बिश्नोई गैंग के तार किसी भी तरह खालिस्तानियों के साथ जुड़ें. क्योंकि अगर गैंग का नाम खालिस्तानियों के साथ जुड़ता है तो देश के कुछ लोग जो लॉरेंस को देशभक्त डॉन बताते हैं वो उसे देश का गद्दार या आतंकवादी भी कह सकते हैं, यही वजह है कि लॉरेंस और गोल्डी की राहें अब अलग हो चुकी हैं. हालांकि इस बात का अभी तक अंदाजा लगाया जा रहा है. इसके पीछे की असली कहानी क्या है, इसके बारे में किसी को कोई पुख्ता जानकारी नहीं है.
कई बड़े लोगों का हो चुका है मर्डर
अगर बिश्नोई गैंग की बात की जाए को इस गैंग द्वारा अभी तक कई बड़े लोगों की हत्या की जा चुकी है, जिसमें खालिसतानी आतंकियों से लेकर देश के पॉलिटिशियन तक शामिल हैं. हाल ही में मुंबई में पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या का आरोप भी बिश्नोई गैंग पर ही लगा है, दावा ये भी किया गया था कि बाबा सिद्दीकी के संबंध आतंकी दाऊद इब्राहीम की गैंग के साथ थे इसी वजह से पूर्व मंत्री की हत्या की गई. जबकि कनाडा में 2023 में मारे गए खालिस्तानी निज्जर की हत्या में भी कनाडा सरकार ने भारत सरकार के साथ लॉरेंस गैंग पर आरोप लगाए थे, इसके अलावा सुखदेव सिंह गोगामेड़ी, गायक सिद्धू मूसेवाला समेथ दर्जनों हत्याएं इस गैंग द्वारा की जा चुकी हैं. इसके अलावा बॉलिवुड अभिनेता सलमान खान भी काला हिरण प्रकरण की वजह से सालों से लॉरेंस के निशाने पर है.
हालांकि अभी तक लॉरेंस या गोल्डी की तरफ से इस बात का कोई ऐलान नहीं हुआ है कि ये लोग अलग हो चुके हैं, और ना ही अभी तक इन लोगों ने एक दूसरे के खिलाफ किसी तरह की कोई कार्रवाई की है. इसीलिए यह कह पाना कि दोनों की दुश्मनी हो चुकी है, एक दूसरे से खतरा है अभी जल्दबाजी होगा. लेकिन अभी तक हुए घटनाक्रम के बाद ये बात काफी हद तक साफ हो चुकी है कि लॉरेंस गैंग अब दो टुकड़ों में बंट चुका है.