ये होगा राहुल गांधी का नया पता, तरफ़ एयर मार्शल तो दूसरी तरफ़ CJI डी वाई चंद्रचूड़ होंगे पड़ोसी

Global Bharat 07 Aug 2024 05:59: PM 3 Mins
ये होगा राहुल गांधी का नया पता, तरफ़ एयर मार्शल तो दूसरी तरफ़ CJI डी वाई चंद्रचूड़ होंगे पड़ोसी

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को नया आवास अलॉट कर दिया गया है. कैबिनेट रैंक होने की वजह से राहुल को टाईप-8 का आवास मिलना था. मीडिया रिपोर्ट्स से जानकारी मिली है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी टाइप-8 बंगला, 5 सुनहरी लेन में रहने जा रहे हैं. गांधी के पड़ोसियों में भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ भी शामिल होंगे.

अनुराग-नायडू के आवास पर थी राहुल की नजर!

सूत्रों ने बताया कि राहुल गांधी ने यह आवास लेने पर सहमति जताई है, क्योंकि उनके पसंदीदा दो और आवास एनडीए नेताओं को आवंटित कर दिए गए हैं. गांधी ने जो पहला आवास मांगा था, 22 अकबर रोड, उसमें अब वरिष्ठ भाजपा नेता अनुराग ठाकुर रह रहे हैं. सरकार ने कहा कि दूसरे आवास, 7 सफदरजंग रोड को मरम्मत के लिए समय की आवश्यकता होगी और अंततः इसे केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू को आवंटित कर दिया गया है.

बता दें कि लोकसभा में विपक्ष के नेता के तौर पर गांधी को कैबिनेट रैंक के मंत्री के बराबर कई अन्य सुविधाओं के साथ टाइप-8 बंगला भी मिलता है. इन दो घरों के उपलब्ध न होने के बाद, कांग्रेस पार्टी के नेता उपलब्ध टाइप 8 बंगलों की सूची बना रहे थे. जिसके बाद पार्टी की एक टीम ने तब सुनहरी लेन के बंगले को उपयुक्त पाया.

प्रियंका गांधी ने नए घर का किया था दौरा

हाल ही में राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी ने नए घर का दौरा किया, जिसके बाद चर्चा हुई कि गांधी आवास के लिए सहमत हो गए हैं. कांग्रेस के सूत्रों ने कहा कि उन्होंने ऐसा करने के लिए सहमति दे दी है. गौरतलब हो कि मानहानि के एक मामले में दोषी ठहराए जाने के कारण 17वीं लोकसभा में सदन की सदस्यता खोने के बाद गांधी को 12 तुगलक लेन आवास छोड़ना पड़ा था, जहां वे दो दशक से रह रहे थे.

हालांकि बाद में सजा को पलट दिया गया और उनकी सदस्यता बहाल कर दी गई, लेकिन गांधी 10 तुगलक लेन में वापस नहीं गए. वह अपनी मां सोनिया गांधी के साथ उनके 10 जनपथ आवास पर रह रहे थे. ऐसी अटकलें थीं कि गांधी निजामुद्दीन में एक फ्लैट में चले जाएंगे और चर्चा थी कि यह दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित का टोनी दिल्ली इलाके में स्थित घर हो सकता है.

सांसद-मंत्रियों को कैसे अलॉट होता है घर

बताते चलें कि आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के तहत संपदा निदेशालय (DoE) के पास मंत्रियों और सांसदों को आवास देने की जिम्मेदारी होती है. संपदा निदेशालय को भारत सरकार की संपदाओं का प्रशासन और प्रबंधन करने का अधिकार है. इसमें देश भर में सरकारी आवासीय आवास और अन्य संपत्तियां शामिल हैं. केंद्र सरकार के बंगलों का आवंटन सामान्य पूल आवासीय आवास (GPRA) अधिनियम के माध्यम से किया जाता है. जीपीआरए दिल्ली में डीओई के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत और दिल्ली के बाहर 39 स्थानों पर केंद्र सरकार के आवासीय आवासों को कवर करता है.

सभी के लिए अलग-अलग बंगले हैं निर्धारित

सरकार की ओर से दिल्ली में विभिन्न प्रकार के बंगलों को भी अलग-अलग तरीके से विभाजित किया गया है. मंत्रियों और सांसदों को आवंटन के लिए अलग-अलग प्रकार के बंगले हैं. इन बंगलों में टाइप 8, टाइप 7, टाइप 6 और टाइप-5 के बंगले शामिल हैं और टाइप 8 का बंगला सबसे हाई क्लास का होता है. इसमें सर्वेंट क्वाटर सहित 8 कमरे (5 बेडरूम, एक हॉल, 1 बड़ा डाइनिंग रूम, स्टडी रूम) मौजूद होते हैं जो कैबिनेट मंत्री, सुप्रीम कोर्ट जज, पूर्व प्रधानमंत्री/पूर्व राष्ट्रपति/पूर्व उपराष्ट्रपति और सीनियर मोस्ट नेताओं को अलॉट किया जाता है.

इसका एरिया करीब 3 एकड़ होता है. टाइप 7 का बंगला आमतौर पर राज्य मंत्रियों, दिल्ली हाईकोर्ट के जज और कम से कम 5 बार सांसद रह चुके नेताओं को मिलता है. पहली बार सांसद बनने वाले नेताओं को टाइप 5 का बंगला दिया जाता है. नई शर्तों के अनुसार पहली बार सांसद बनने वाले नेताओं को टाइप-6 बंगला भी दिया जा सकता है.

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