LPG Crisis in India: पश्चिम एशिया में संघर्ष के बीच दो भारतीय ध्वज वाले एलपीजी कैरियर जहाजों ने शनिवार की सुबह संघर्ष प्रभावित होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार कर लिया है और अब वे गुजरात के बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं.
शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि एलपीजी कैरियर शिवालिक और नंदा देवी क्रमशः मुंद्रा और कांडला की ओर जा रहे हैं. इन जहाजों पर कुल 92,700 टन एलपीजी लदा हुआ है और ये भारतीय बंदरगाहों पर 16 या 17 मार्च को डॉक करने वाले हैं. ये दो जहाज उन 24 जहाजों में शामिल थे जो क्षेत्र में युद्ध शुरू होने के बाद से इस रणनीतिक जलमार्ग के पश्चिमी हिस्से पर फंसे हुए थे.
पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त उपलब्धता
एक वरिष्ठ पेट्रोलियम मंत्रालय अधिकारी ने कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष से जुड़े व्यवधानों के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है और रिफाइनरियां पूरी क्षमता से संचालित हो रही हैं. उन्होंने उपभोक्ताओं से एलपीजी सिलेंडर की पैनिक बुकिंग से बचने की अपील की.
मार्केटिंग एवं ऑयल रिफाइनरी की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में कहा, ''क्रूड ऑयल और रिफाइनरियों के मामले में हमारे पास क्रूड की पर्याप्त आपूर्ति है और हमारी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं. रिटेल आउटलेट्स पर किसी भी तरह की कमी की कोई रिपोर्ट नहीं है. पेट्रोल और डीजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं.''
उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारत को पेट्रोल और डीजल आयात करने की आवश्यकता नहीं है. शर्मा ने कहा कि हम देश में अपनी जरूरत के अनुसार पर्याप्त पेट्रोल और डीजल उत्पादित कर रहे हैं, इसलिए हमें इन्हें आयात करने की जरूरत नहीं है.
एलपीजी आपूर्ति पर नजर, पीएनजी को बढ़ावा
घरेलू ईंधन आपूर्ति स्थिर बनी हुई है, लेकिन अधिकारी ने मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के कारण खाना पकाने के गैस की उपलब्धता को लेकर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि एलपीजी आपूर्ति के बारे में कहना चाहूंगी कि मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति को देखते हुए यह अभी भी हमारे लिए चिंता का विषय है. हालांकि, किसी भी तरह की कमी की कोई रिपोर्ट नहीं आई है.
सरकार वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को आपूर्ति व्यवधान का सामना करने पर पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की ओर स्विच करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. इस संदर्भ में, गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल) ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन ऑपरेटरों के साथ बैठकें की हैं ताकि जहां संभव हो वहां तत्काल पीएनजी कनेक्शन दिए जा सकें.
शर्मा ने कहा कि वाणिज्यिक सिलेंडरों को लेकर काफी चर्चा हुई थी, और उसके बाद यह फैसला लिया गया कि कुछ एलपीजी वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को भी सप्लाई की जाएगी और बताया कि वितरण लगभग 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू हो चुका है.
पैनिक बुकिंग में उछाल, सरकार ने संयम बरतने की अपील की
शर्मा ने एलपीजी बुकिंग में तेज वृद्धि की ओर इशारा किया और इसे पैनिक से प्रेरित बताया. उन्होंने कहा कि पैनिक बुकिंग अभी भी बहुत बड़े पैमाने पर हो रही है. कल हमने आपको बताया था कि बुकिंग की संख्या लगभग 7.5-7.6 मिलियन थी, और अब यह संख्या बढ़कर लगभग 8.8 मिलियन हो गई है. यह कुछ नहीं बल्कि पैनिक बुकिंग है.
संयम बरतने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि मैं देश के नागरिकों से अपील करना चाहूंगी कि पैनिक बुकिंग से बचें और केवल वास्तविक जरूरत होने पर ही बुकिंग करें. यह सभी के लिए अच्छा होगा. डिजिटल अपनाने में प्रगति का जिक्र करते हुए अधिकारी ने कहा कि अधिकांश एलपीजी बुकिंग अब ऑनलाइन हो रही हैं. “वर्तमान में ऑनलाइन बुकिंग लगभग 84 प्रतिशत है, लेकिन इसे लगभग 100 प्रतिशत तक बढ़ाने की जरूरत है.