लखनऊ : उत्तर प्रदेश के लखनऊ में मौलाना इरफान अहमद रिजवी की हत्या की कथित साजिश के मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों के 24 घंटे के भीतर जेल से बाहर आने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है. जमानत पर बाहर आए फरहान सिद्दीकी, सोहेल अहमद सिद्दीकी और अमन कुरैशी का समर्थकों ने माला पहनाकर स्वागत किया. इसके बाद तीनों आरोपी तीन गाड़ियों के काफिले के साथ अपने घर पहुंचे. इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर फेसबुक पर अपलोड किया गया, जो अब चर्चा में है. वीडियो में एक गाना भी सुनाई दे रहा है कि अब अपनी क्या तारीफ करूं… ऊपर वाले से मैं डरूं.
पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपियों को एसीजेएम-3 कोर्ट से जमानत मिली है. पुलिस सूत्रों का दावा है कि जमानत से पहले केस डायरी या पुलिस की रिपोर्ट नहीं मांगी गई. साथ ही पुलिस का पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी नहीं किया गया और बेल बॉन्ड का वेरिफिकेशन भी नहीं हुआ.
पुलिस ने इस मामले की जांच के बाद कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था. आरोप है कि मौलाना इरफान अहमद रिजवी की हत्या की साजिश फरहान और सोहेल ने रची थी. पुलिस के अनुसार, दोनों ने अमन के जरिए करीब दो लाख रुपये में दो शूटर हायर किए थे. हालांकि, मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में सुनवाई और जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी.
फिलहाल तीन अन्य आरोपी जेल में हैं. वहीं, तीन आरोपियों की जमानत और जेल से बाहर निकलने के बाद हुए स्वागत को लेकर पुलिस की कार्रवाई और अदालत की प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं. मामले में पुलिस की आगे की जांच और आरोपियों के खिलाफ जुटाए गए साक्ष्यों पर नजर बनी हुई है.