नई दिल्ली : नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ का असर अब भारत तक साफ दिखाई देने लगा है. उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में नारायणी यानी गंडक नदी से तीन शव बरामद किए गए हैं. स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें दो महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं. आशंका है कि ये शव नेपाल में आई बाढ़ के तेज बहाव में बहकर भारतीय सीमा तक पहुंचे हैं.
नेपाल में 26 अगस्त को हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर के हिस्से के टूटने और भारी मलबे के साथ अचानक आई बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई. रासुवा समेत कई इलाकों में घर, सड़कें और पुल बाढ़ की चपेट में आए हैं. अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के मुताबिक, नेपाल और तिब्बत में सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है और बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं.
इस आपदा के बाद नेपाल की नदियों का पानी भारत की ओर बढ़ा है. नारायणी नदी नेपाल से निकलकर भारत में गंडक के नाम से बहती है और उत्तर प्रदेश के महराजगंज व कुशीनगर होते हुए बिहार की तरफ जाती है. इसलिए नेपाल में अचानक बढ़े जलप्रवाह का असर भारतीय सीमावर्ती इलाकों पर भी पड़ सकता है. महराजगंज में शव मिलने के बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां नदी क्षेत्र में निगरानी बढ़ा रही हैं. शवों की पहचान और उनके नेपाल से संबंध की जांच की जा रही है.
उधर कुशीनगर समेत सीमावर्ती जिलों में भी प्रशासन को अलर्ट किया गया है और नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है. यानी नेपाल की तबाही अब सिर्फ वहां तक सीमित नहीं रह गई है. बाढ़ का पानी अपने साथ मलबे और शवों को भी भारत तक ला रहा है, जिससे सीमावर्ती इलाकों में चिंता बढ़ गई है.