नई दिल्ली: मुंबई के प्रतिष्ठित इलाके कफ परेड में अवैध रूप से रह रही एक 30 वर्षीय बांग्लादेशी महिला को मुंबई एटीएस और स्थानीय पुलिस ने हाल ही में हिरासत में लिया है. महिला की पहचान बिलकिस बेगम सिरमिया अख्तर के रूप में हुई है. यह घटना अवैध घुसपैठ और सीमा सुरक्षा की चुनौतियों को एक बार फिर उजागर करती है.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गुप्त सूचना मिलने पर 7 जनवरी को संयुक्त टीम ने छापेमारी की और इस महिला को बिना किसी वैध पासपोर्ट, वीजा या अन्य इमिग्रेशन कागजात के पकड़ा गया. शुरू में उसने अपनी पहचान छिपाने की कोशिश की और सवालों के अस्पष्ट जवाब दिए, लेकिन गहन पूछताछ के बाद उसने कबूल किया कि वह बांग्लादेश की नागरिक है.
जांच में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि अगस्त 2025 में मुंबई क्राइम ब्रांच ने अवैध प्रवास के आरोप में उसे पहले ही देश से निर्वासित (डिपोर्ट) कर दिया था. इसके बावजूद वह कुछ महीनों के भीतर ही अवैध तरीके से बॉर्डर पार करके दोबारा भारत में दाखिल हो गई और मुंबई के इसी पॉश इलाके में किराए के कमरे में रहने लगी थी.
तलाशी के दौरान उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ, जिसमें बांग्लादेशी नेशनल आईडी नंबर और संबंधित तस्वीरें मिलीं, जिन्हें पुलिस ने महत्वपूर्ण सबूत के तौर पर जब्त कर लिया है. कफ परेड पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और विदेशी अधिनियम (Foreigners Act) के तहत मामला दर्ज किया गया है.
अब जांच एजेंसियां इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही हैं कि निर्वासन के बाद वह भारत में कैसे फिर से घुसी, इसके लिए कौन-कौन से रास्ते इस्तेमाल किए गए और क्या मुंबई में कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय है जो ऐसे लोगों को फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराता है या रहने की व्यवस्था करता है.