शिमला: हिमाचल प्रदेश के चार प्रमुख नगर निगमों धर्मशाला, मंडी, सोलन और पालमपुर के चुनाव परिणामों ने राजनीतिक समीकरणों को हिला दिया है. विपक्षी भाजपा ने तीन नगर निगमों पर भारी बहुमत से कब्जा जमा लिया, जबकि सत्तारूढ़ कांग्रेस केवल पालमपुर में अपनी साख बचा पाई. 17 मई को हुए मतदान के नतीजे रविवार को घोषित किए गए. भाजपा की इस जीत को आगामी विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस सरकार के लिए 'सेमीफाइनल' में बड़ा झटका माना जा रहा है.
नगर निगमों का हाल
दोनों दलों की प्रतिक्रिया
भाजपा इन नतीजों को जनता के विकास और सुशासन पर दिए गए वोट के रूप में देख रही है. कांग्रेस से भाजपा में आए विधायक सुधीर शर्मा ने इसे साफ जनादेश बताया. वहीं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह जिले मंडी और प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल के क्षेत्र सोलन में भाजपा की शानदार जीत ने पार्टी का उत्साह बढ़ा दिया है.
कांग्रेस पालमपुर की जीत को अपनी नीतियों पर जनता के भरोसे का प्रतीक बता रही है, लेकिन तीन बड़े नगर निगमों के हाथ से फिसलने को पार्टी के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषक इसे आगामी विधानसभा चुनावों के लिए महत्वपूर्ण संकेत मान रहे हैं. चार में से तीन शहरों में हार के बावजूद कांग्रेस पालमपुर की जीत को लेकर कुछ राहत महसूस कर रही है.