कोलकाता : पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद अब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई तेज होती दिखाई दे रही है. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के पद संभालने के बाद राज्य पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने कई पुराने मामलों की फाइलें दोबारा खोल दी हैं। इसी कड़ी में अब तक कम से कम चार बड़े TMC चेहरों के खिलाफ गिरफ्तारी या हिरासत की कार्रवाई सामने आई है. जबकि कई अन्य नेताओं से पूछताछ जारी है.
सबसे चर्चित कार्रवाई बारानगर के TMC पार्षद शंतनु मजूमदार की गिरफ्तारी रही. उन पर सिंडिकेट चलाने, उगाही और स्थानीय कारोबारियों पर दबाव बनाकर वसूली करने के आरोप लगे हैं. इसी मामले में नारायण रंजीत और उसके करीबी सहयोगी गोपाल मलिक को भी गिरफ्तार किया गया. पुलिस का दावा है कि ये लोग लंबे समय से इलाके में भय और दबाव का नेटवर्क चला रहे थे.
वहीं, वरिष्ठ TMC नेता सुजीत बोस से भी केंद्रीय एजेंसियों की पूछताछ जारी है। ईडी ने कथित आर्थिक अनियमितताओं और वित्तीय लेनदेन से जुड़े मामलों में उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की है. सूत्रों के मुताबिक, कुछ और पूर्व पार्षदों, ब्लॉक स्तर के नेताओं और चुनावी हिंसा मामलों में नाम आने वाले कार्यकर्ताओं को भी नोटिस भेजे गए हैं.
नई सरकार का दावा है कि यह कार्रवाई कानून व्यवस्था बहाल करने और सिंडिकेट राज खत्म करने के लिए की जा रही है. दूसरी तरफ TMC इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है. राज्य में बढ़ती राजनीतिक हलचल के बीच आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां तथा पूछताछ होने की संभावना जताई जा रही है.