मणिकर्णिका घाट को लेकर विपक्ष पर बरसे योगी आदित्यनाथ
''जानबूझकर भ्रम और अराजकता फैलाने के लिए की गई पोस्ट''
''काशी को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं कुछ लोग''
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मणिकर्णिका घाट, वाराणसी के पुनर्विकास के बीच सोशल मीडिया पर पुरानी और क्षतिग्रस्त मूर्तियों की तस्वीरें जानबूझकर भ्रम और अराजकता फैलाने के लिए पोस्ट की जा रही हैं. मीडिया ब्रीफिंग के दौरान आदित्यनाथ ने कहा कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर परियोजना के समय भी इसी तरह की साजिशें रची गई थीं और उन्होंने कांग्रेस पर झूठी प्रचार फैलाने का आरोप लगाया.
CM योगी ने कहा कि कुछ लोग काशी को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं... टूटी हुई मूर्तियां लाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट की जा रही हैं ताकि भ्रम फैलाया जा सके. दावा किया जा रहा है कि मूर्तियां तोड़ी जा रही हैं. इससे बड़ा झूठ और कुछ नहीं हो सकता."
वाराणसी का प्रतिष्ठित मणिकर्णिका घाट हिंदू धर्म में सबसे पवित्र श्मशान घाटों में से एक माना जाता है. इस सप्ताह की शुरुआत में पुनर्विकास कार्य के तहत घाट पर बुलडोजर चलते हुए वीडियो वायरल होने के बाद विवाद शुरू हो गया. स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि विकास के नाम पर शहर की धरोहर को नष्ट किया जा रहा है.
पाल समाज समिति, जो विरोध का नेतृत्व कर रही है, ने दावा किया कि मंदिरों और मूर्तियों को नुकसान पहुंचा है, जिसमें लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की एक सदी पुरानी संरचना भी शामिल है.