महाराष्ट्र में अभी हाल ही में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा गिरने की घटना के बाद राजनीति गरमा गई है. इस घटना के बाद विपक्ष ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. वहीं, सत्ताधारी पार्टी ने जनता से माफी मांगते हुए इस पर सफाई दी है. इस घटना को लेकर बहुजन अब समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है.
मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि अगर किसी राज्य में अपने आप कोई प्रतिमा गिर जाती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि राजा, महाराजा, संत, गुरु और अन्य महान व्यक्तित्व, जो किसी भी समुदाय या धर्म से संबंध रखते हैं, उनके बारे में सोचते समय नकारात्मकता नहीं बल्कि सकारात्मकता से सोचना चाहिए.
मायावती ने आगे कहा कि इन महान लोगों की प्रतिमाओं को स्थापित करने का उद्देश्य केवल उनका सम्मान होना चाहिए, न कि इसके पीछे कोई राजनीतिक एजेंडा या द्वेष छिपा होना चाहिए. इस तरह की घटनाओं के बाद राजनीति करना उचित नहीं है. आपको बता दें, मायावती ने महाराष्ट्र में हुई इस घटना को दुखद बताया और कहा कि अगर किसी भी राज्य में प्रतिमा अपने आप गिरती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी भी तरह की राजनीतिक मंशा नहीं होनी चाहिए.
बताते चले कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी महाराज की एक विशाल प्रतिमा का उद्घाटन किया था, जो हाल ही में अपने आप गिर गई. इस घटना के बाद विपक्षी दलों ने महाराष्ट्र और केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी विपक्ष के निशाने पर हैं.