नई दिल्ली: फरीदाबाद के अल फलाह मेडिकल कॉलेज से विस्फोटक बरामदगी और दिल्ली के लाल किला क्षेत्र में हुए धमाके के बाद हारियाणा के मेवात से कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है. लगातार देखा जा रहा है कि यहां के स्थानीय लोग इन संदिग्धों को शरण देने में लिप्त रहे हैं. इसका जीता जागता उदाहरण मेवात का वह इलाका है, जहां हजारों की संख्या में रोहिंग्या मुसलमान रह रहे हैं.
ये लोग न सिर्फ देश की सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि इनके वजह से यहां के लोगों का रोजगार भी छीन रहा है. फिर भी कुछ लोग इन्हें शरण देने से नहीं चूक रहे हैं. यह सब खेल इनके मुसलमान होने के नाम पर किया जा रहा है, क्योंकि मेवात में ज्यादातर मुस्लिम ही रहते हैं और मुसलमान के नाम पर ही खुलकर भाईचारा निभाया जा रहा है.
इसी क्रम में जब हमारी ग्लोबल भारत की टीम ग्राउंड रिपोर्टिंग करने मेवात पहु्ंची तो वहां का हाल देखकर सन्न रह गई. यहां न सिर्फ हमारे संवाददाता को धमकाया गया, बल्कि ऑन कैमरा गाली भी दी गई. हद तो तब हो गई जब एक उपद्रवी ने कैमरा पर हाथ मारकर रिपोर्टिंग बंद कराने की कोशिश की और भीड़ में खड़े लोग उनका समर्थन करने लगे. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर नूंह भी भारत का हिस्सा है और वहां के मुसलमान भी सच्चे राष्ट्रभक्त हैं, तो फिर एक राष्ट्रभक्त पत्रकार को रिपोर्टिंग करने से कैसे रोका जा सकता है?
नूंह का यहा आलम तब है, जब हरियाणा में भाजपा सरकार है, केंद्र में भाजपा सरकार और नूंह से सटे राजस्थान में भी भाजपा सरकार है. कल्पना कीजिए यदि इन जगहों पर भाजपा सरकार नहीं होगी तो क्या होगा? जब से दिल्ली में बलास्ट हुआ है, लगातार नूंह मेवात से संदिग्धों को पकड़ा जा रहा है. उनके मददगार को पकड़ा जा रहा है, आतंकी मोड्यूल से जुड़े दहशतगर्दों को गिरफ्तार किया जा रहा है. लेकिन अगर कोई सवाल करता है, तो उसे धमकाया जा रहा है. खुलेआम जान लेने की बात कही जा रही है.
हमारे संवाददाता को रिपोर्टिंग करते समय भी खुलेआम धमकाया गया. यहां तक सोशल मीडिया पर भी लगातार धमकी दी जा रही है. कॉल्स और मैसेजेस में अज्ञात लोग हमारे संवाददाता को चेतावनी दे रहे हैं कि यदि मेवात से रिपोर्टिंग बंद नहीं की गई तो उसे बम से उड़ा दिया जाएगा. लेकिन ग्लोबाल भारत इन धमकियों से डरने वाला नहीं है. हम लगातार देशहित में राष्ट्रहित काम करते रहेंगे. लोगों तक सच्ची रिपोर्ट पहुंचाते रहेंगे.