मिर्ज़ापुर : तेल संकट, बढ़ती कीमतों और बचत की अपीलों के बीच एक अलग ही तस्वीर देखने को मिल रही है. देश के प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री लगातार ईंधन बचाने की बात कर रहे हैं. कई राज्यों में अफसरों ने अपने काफिले छोटे कर दिए हैं. सरकारी स्तर पर संदेश दिया जा रहा है कि दिखावे से ज्यादा ज़रूरी जिम्मेदारी है, लेकिन मिर्जापुर की सड़कों पर कुछ नेताओं का अंदाज़ अब भी पुराना ही दिखाई दे रहा है.
रियलिटी चेक में सबसे ज्यादा चर्चा बाहुबली नेता विनीत सिंह के काफिले की हो रही है. सफेद चमचमाती फॉर्च्यूनर गाड़ियों का उनका काफिला इलाके में अलग ही भौकाल बनाता नजर आता है. जहां आम लोग पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम से परेशान हैं, वहीं नेताजी का स्टेटस सिंबल कम होने का नाम नहीं ले रहा. यह तस्वीर बीजेपी के दीन दयाल प्रशिक्षण कार्यक्रम से सामने आई है, जहां पर सैकड़ो की संख्या में नेता कार से पहुंचे थे.
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब देश मुश्किल दौर से गुजर रहा हो, तब जनप्रतिनिधियों को भी मिसाल पेश करनी चाहिए, लेकिन यहां तस्वीर उलटी दिख रही है. पीएम की अपील के बाद कुछ नेताओं के काफिले में एक-दो गाड़ियों की कमी जरूर आई, मगर विनीत सिंह अब भी चार सफेद फॉर्च्यूनर के साथ पूरे रौब में चलते दिखाई दे रहे हैं.
सड़कों पर जब उनका काफिला निकलता है तो आम आदमी की नजर सबसे पहले उन्हीं सफेद एसयूवी पर टिक जाती है. कई लोग इसे ताकत का प्रदर्शन मानते हैं तो कई इसे जनता से दूरी का प्रतीक बताते हैं. सवाल यही उठ रहा है कि जब सरकार खुद सादगी और बचत का संदेश दे रही है, तब क्या जनप्रतिनिधियों को भी उसी रास्ते पर नहीं चलना चाहिए.