जीत के बाद मोदी सरकार कौन से 5 बड़े काम करने वाली है...?

Global Bharat 15 May 2024 07:03: PM 3 Mins
जीत के बाद मोदी सरकार कौन से 5 बड़े काम करने वाली है...?

लोकसभा चुनाव चल रहे हैं, कई चरणों की वोटिंग हो चुकी है और अब धीरे-धीरे नतीजों का समय नज़दीक आ रहा है. जहां एक तरफ मोदी सरकार जीत की हैट्रिक लगाने के सपने सजा रही है, तो वहीं विपक्ष सत्ता पर काबिज़ होने का सुहाना सपना देख रही है. लेकिन इस बीच सबसे बड़ा सवाल ये है कि अगर मोदी सरकार ने सत्ता में वापसी की तो इस बार कौनसे बड़े बदलाव होने वाले हैं.

जानकारों का दावा है की वैसे तो लम्बी फेहरिस्त है. इस लिस्ट में सबसे पहले बात करेंगे UCC यानी कि यूनिफॉर्म सिविल कोड की. जानकारों का दावा है कि अगर मोदी सरकार तीसरी बार भी सत्ता में आती है तो समान नागरिक संहिता जरूर लागू करेगी. क्योंकि मोदी सरकार लगातार इसकी वकालत करती आई है.

बता दें कि समान नागरिक संहिता कानूनों के एक सामान्य समूह को संदर्भित करती है, जो भारत के सभी नागरिकों पर विवाह, तलाक, विरासत, गोद लेने और उत्तराधिकार के संबंध में लागू होती है. ये कानून भारत के नागरिकों पर धर्म और लिंग रुझान के बावजूद लागू होते हैं.

इसके बाद दूसरे नंबर पर आता है, श्रम मंत्रालय में होने वाले बदलाव की. मोदी सरकार अगर सत्ता में दोबारा लौटी तो श्रम मंत्रालय में व्यापक बदलाव की तैयारी में है. मिली जानकारी के मुताबिक मंत्रालय नए लेबर कोडों को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. देश के श्रम कानूनों को आधुनिक बनाने की दिशा में यह एक अहम कदम है.

बता दें कि नए लेबर कोड 2020 में संसद से पारित हो गए थे. नए लेबर कोडों में वेतन, औद्योगिक संबंध, सामाजिक सुरक्षा और व्यावसायिक सुरक्षा पर विनियमन शामिल हैं. 2020 में संसद ने इन्हेंर मंजूरी दी थी, लेकिन अभी तक इन्हेंव पूरी तरह से लागू नहीं किया गया है. अभी 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने व्यावसायिक सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए नियम बनाने बना लिए हैं.

वहीं, 28 राज्यों ने औद्योगिक संहिता के लिए भी ऐसा कर लिया है. इसके अलावा, 30 राज्यों ने वेतन के संबंध में नियम स्थापित किए हैं. 28 राज्यों ने सामाजिक सुरक्षा से संबंधित मुद्दों को निपटा लिया है. इस लिस्ट में तीसरा नाम है NRC का.

मोदी सरकार लगातार CAA-NRC लागू करने की बात करती आई है. हालांकि जब पहली बार सरकार ने इस कानून को संसद में पास करवाया था उस वक्त काफी हंगामा हुआ था. दिल्ली दहल उठी थी. इसके बाद उस समय हालात पर काबू पाने के लिए सरकार ने इस मुद्दे को  दबा दिया था. लेकिन लोकसभा चुनाव के नज़दीक आते-आते बीजेपी ने दोबारा इस मुद्दे को उठाना शुरू कर दिया और तारीखों के एलान से ठीक पहले CAA लागू कर सभी को चौंका दिया. इसलिए अब दावा किया जा रहा है कि अगर सरकार सत्ता में आई तो NRC लागू करेगी.

चौथा नाम है कृषि कानून जिन्हें विपक्ष और किसान काला कानून कहते हैं. जब सरकार ने तीनों कृषि कानून लागू किए थे किसानों ने जमकर प्रदर्शन किया था. एक साल तक किसान बॉर्डर पर डेरा डाले बैठे रहे थे. जब कैसे भी किसान पीछे हटने को राज़ी नहीं हुए तो सरकार को मजबूरन कानून वापस लेने पड़े. लेकिन सरकार लगातार ये कहती आई है कि हम अपने किसान भाइयों को अच्छे से समझा नहीं पाए.

इनपर दोबारा चर्चा की जाएगी. इसलिए जानकारों का दावा है कि अगर मोदी सरकार सत्ता में वापसी करती है तो दोबारा इस कानून को लागू कर सकती है. अब बात करते हैं पांचवे और आखिरी बड़े बदलाव की और वो है 'वन नेशन वन इलेक्शन' यानी 'एक राष्ट्र, एक चुनाव'.

ऐसा इसलिए क्योंकि लोकसभा चुनाव 2024 से पहले ही इसकी चर्चा तेज़ हो गई थी. यहां तक कि पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक समिति भी तैयार की गई थी. जिसने एक रिपोर्ट तैयार की और इसकी संभावना पर विचार करने के लिए रिपोर्ट राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को सौंप दी थी. रिपोर्ट में आने वाले वक्त में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के साथ-साथ नगरपालिकाओं और पंचायत चुनाव करवाने के मुद्दे से जुड़ी सिफारिशें दी गई थी.

Recent News