नई दिल्ली: कनाडा के ओटावा में पढ़ाई कर रही 21 साल की भारतीय छात्रा वंशिका की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई. वह पंजाब के डेरा बस्सी से आम आदमी पार्टी (आप) के स्थानीय नेता दविंदर सैनी की बेटी थी. वंशिका 25 अप्रैल 2025 से लापता थी, और तीन दिन बाद उनका शव ओटावा में एक समुद्र तट पर मिला. भारतीय दूतावास ने मंगलवार, 29 अप्रैल 2025 को उनकी मौत की पुष्टि की और कहा कि इस मामले की जांच स्थानीय पुलिस कर रही है.
भारतीय दूतावास ने एक बयान में कहा, "हमें ओटावा में भारतीय छात्रा वंशिका की मौत की खबर से गहरा दुख हुआ है. हमने इस मामले को संबंधित अधिकारियों के सामने उठाया है, और स्थानीय पुलिस मौत के कारणों की जांच कर रही है." दूतावास ने यह भी बताया कि वे वंशिका के परिवार और स्थानीय समुदाय के साथ संपर्क में हैं ताकि हर संभव मदद दी जा सके.
वंशिका के लापता होने की खबर सबसे पहले ओटावा के हिंदू समुदाय ने सोशल मीडिया पर साझा की थी. एक फेसबुक पोस्ट के अनुसार, वंशिका 25 अप्रैल की रात 8-9 बजे अपने घर, 7 मैजेस्टिक ड्राइव, से एक किराए का कमरा देखने के लिए निकली थीं. इसके बाद उनका कोई पता नहीं चला. पोस्ट में कहा गया, "उनका फोन रात 11:40 बजे से बंद है, और उन्होंने अगले दिन एक महत्वपूर्ण परीक्षा भी छोड़ दी, जो उनके स्वभाव के बिल्कुल विपरीत था." परिवार और दोस्तों ने उन्हें ढूंढने की बहुत कोशिश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला.
वंशिका के पिता दविंदर सैनी ने बताया कि उन्होंने आखिरी बार अपनी बेटी से 25 अप्रैल को बात की थी, और वह पूरी तरह सामान्य लग रही थीं. वंशिका आमतौर पर हर सुबह अपने परिवार और दोस्तों से बात करती थीं, लेकिन 25 अप्रैल के बाद उनका कोई संपर्क नहीं हुआ. दविंदर ने अपनी बेटी की मौत में गड़बड़ी की आशंका जताई है और कहा है कि उनकी बेटी ऐसी नहीं थी कि वह खुद को नुकसान पहुंचाए. उनकी चाची बबीता ने भी कहा, "मेरी वंशु ऐसी नहीं थी. किसी ने उसे मारा है. वह डॉक्टर बनना चाहती थी और अपने परिवार का नाम रोशन करना चाहती थी."
पुलिस ने अभी तक वंशिका का मोबाइल फोन बरामद नहीं किया है, और मौत के कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है. ओटावा के हिंदू समुदाय ने पुलिस से इस मामले को गंभीरता से लेने और जल्द से जल्द जांच पूरी करने की अपील की थी. समुदाय ने अपने पत्र में लिखा, "हम बहुत चिंतित हैं और सबसे बुरा होने का डर है. ओटावा का हिंदू समुदाय इस घटना से परेशान है. हम पुलिस से इस मामले को प्राथमिकता देने और सभी संसाधनों का उपयोग करने की मांग करते हैं."
वंशिका की मौत कनाडा में भारतीय छात्रों पर हाल के हमलों की कड़ी में एक और दुखद घटना है. कुछ दिन पहले, 21 साल की एक अन्य भारतीय छात्रा हरसिमरत रंधावा की ओटावा में गोलीबारी के दौरान आवारा गोली लगने से मौत हो गई थी. वह बस स्टॉप पर खड़ी थीं जब दो गाड़ियों के बीच हुई गोलीबारी में उनकी जान चली गई. इसके अलावा, अप्रैल की शुरुआत में ओटावा के पास रॉकलैंड में एक भारतीय नागरिक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी. उस मामले में पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है, लेकिन हमले की वजह अभी स्पष्ट नहीं है.
वंशिका दो साल पहले भारत में 12वीं कक्षा पूरी करने के बाद ओटावा में डिप्लोमा कोर्स करने गई थीं. उन्होंने 18 अप्रैल को अपनी अंतिम परीक्षाएं दी थीं और एक कॉल सेंटर में अंशकालिक नौकरी शुरू की थी. वह 26 अप्रैल को IELTS परीक्षा देने वाली थीं, लेकिन उसमें शामिल नहीं हो पाईं. उनकी मौत ने उनके परिवार, दोस्तों और ओटावा के भारतीय समुदाय को गहरा सदमा दिया है. यह घटना विदेश में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंताओं को और बढ़ा रही है.