कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के तुरंत बाद कोलकाता की प्रसिद्ध नखोदा मस्जिद के इमाम मौलाना मोहम्मद शफीक कासमी ने मुसलमानों से हिंदू भावनाओं का सम्मान करते हुए गाय की कुर्बानी न देने की अपील की है. इमाम कासमी ने रविवार को कहा कि मुसलमानों को विविधतापूर्ण समाज में ऐसी चीजों से बचना चाहिए जो दूसरों की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकें.
उन्होंने स्पष्ट तौर पर अपने मुस्लिम भाइयों से अपील की कि कृपया गाय की कुर्बानी न दें, क्योंकि इससे हमारे हिंदू भाइयों की भावनाओं को चोट पहुंचती है. इसके बजाय बकरियों की कुर्बानी देने की सलाह दी. इमाम ने कहा कि सुवेंदु अधिकारी सरकार द्वारा हाल ही में जारी पशु वध के नए दिशानिर्देशों में स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र के बिना किसी भी पशु के वध पर रोक लगा दी गई है.
उन्होंने आगे कहा कि अगर सरकार उचित बुनियादी ढांचा (बूचड़खाने, पशु चिकित्सक आदि) उपलब्ध नहीं करा सकती, तो उसे गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर देना चाहिए और पूरे देश में गाय के वध तथा गोमांस निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध लगा देना चाहिए.
लाउडस्पीकर पर भी दिया बयान
इमाम कासमी ने लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर भी बात की. उन्होंने कहा कि ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन किया जाना चाहिए. उन्होंने मस्जिद कमेटियों से अपील की कि वे अनुमत सीमा के अंदर ही लाउडस्पीकर का उपयोग करें और प्रशासन के साथ सहयोग करें. यह बयान सुवेंदु अधिकारी सरकार द्वारा पशु वध पर सख्ती बढ़ाने और लाउडस्पीकर पर नियंत्रण के फैसलों के बाद आया है, जिसे बंगाल की सियासी हलचल में अहम माना जा रहा है.