नागपुर: खेलों के क्षेत्र में सफलता की चकाचौंध के पीछे छिपी कड़वी सच्चाई एक बार फिर सामने आई है. महाराष्ट्र के नागपुर में राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी खिलाड़ी किरण सूरज दाधे ने आर्थिक संकट और वैवाहिक जीवन की कशमकश में फंसकर आत्महत्या कर ली. 29 वर्षीय किरण ने 4 दिसंबर को जहर पी लिया था, और तीन दिनों की जद्दोजहद के बाद अस्पताल में उनकी सांसें थम गईं.
पुलिस ने उनके 30 वर्षीय पति स्वप्निल जयदेव लांबघारे के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है, जो फिलहाल फरार है. किरण का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से था. 2020 में स्वप्निल से शादी के समय उन्होंने किरण और उसके भाई को सरकारी नौकरी दिलाने का लालच दिया था, जिसके लालच में यह रिश्ता तय हुआ. लेकिन शादी के बाद वादे हवा-हवाई साबित हो गए. स्वप्निल ने नौकरी का बहाना बनाकर टालमटोल किया, साथ ही कथित रूप से किरण को मानसिक यातनाएं दीं. जब किरण ने शारीरिक संबंध बनाने से इनकार किया, तो धमकियां और गालियां शुरू हो गईं.
आखिरकार, किरण मायके लौट आईं. परिवार ने स्थिति बिगड़ते देख फैमिली कोर्ट में तलाक की याचिका दायर करने की सलाह दी. किरण ने सबूत के तौर पर अपने मोबाइल में स्वप्निल के अभद्र संदेश सेव कर रखे थे. लेकिन निराशा की हद पार हो चुकी थी.
4 दिसंबर को उन्होंने जहर का सहारा लिया. अस्पताल पहुंचाने पर डॉक्टरों ने उन्हें बचा लिया, मगर 7 दिसंबर को उनकी मौत हो गई. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 के तहत स्वप्निल पर आत्महत्या भड़काने का आरोप लगाया है. जांच अधिकारी के मुताबिक, आरोपी घर छोड़कर भाग गया है और उसकी तलाश में टीमें लगी हुई हैं.
किरण के मोबाइल से बरामद मैसेज पुलिस के पास मजबूत सबूत हैं. यह घटना खेल जगत में उन युवाओं की बदहाली को उजागर करती है, जो मैदान पर तो दमदार दिखते हैं, लेकिन जिंदगी की जंग में अकेले पड़ जाते हैं. कई खिलाड़ी स्टार बनते हैं, लेकिन ज्यादातर आर्थिक असुरक्षा और सामाजिक दबावों का शिकार हो जाते हैं.
विशेषज्ञों का कहना है कि खेल नीतियों में खिलाड़ियों के पोस्ट-करियर सपोर्ट की कमी इस तरह की त्रासदियों को जन्म दे रही है. नागपुर पुलिस ने अपील की है कि किसी भी उत्पीड़न का शिकार व्यक्ति हेल्पलाइन 1098 या स्थानीय थाने से संपर्क करें.