राज्यसभा की 12 सीटों के लिए हुए उपचुनाव में NDA के 11 उम्मीदवार निर्विरोध जीत गए. वहीं कांग्रेस को एक सीट प्राप्त हुई है. इसी के साथ NDA ने बहुमत का जादुई आंकड़ा पार कर लिया है. उच्च सदन में NDA के पास अब 112 सीटें हैं. सत्तारूढ़ गठबंधन को 6 नामित और 1 स्वतंत्र सदस्य का भी समर्थन मिला हुआ है, जिससे NDA की कुल सीटें 119 हो गई है. माना जा रहा है कि इस उपलब्धि के बाद पीएम मोदी की अगुवाई में केंद्र सरकार को कोई भी बिल पास कराने में ज्यादा परेशानी नहीं होगी.
चुनाव में अकेले बीजेपी को 9 सीटें प्राप्त हुई हैं. वहीं सहयोगी पार्टी के अजित पवार गुट की एनसीपी और राष्ट्रीय लोक मंच को एक-एक सीट प्राप्त हुई है. अब ऊपरी सदन में विपक्ष की संख्या 85 हो गई है. बता दें कि राज्यसभा में 245 सीटें हैं, हालांकि अभी 8 रिक्त हैं, जिसमें जम्मू-कश्मीर से 4 और 4 मनोनीत हैं. राज्यसभा में वर्तमान संख्या 237 है और बहुमत का आंकड़ा 119 है. ऐसे में NDA को 119 सीटें मिल गईं हैं, इनमें 6 नामांकित और 1 निर्दलीय सदस्य भी शामिल हैं, जो बहुंत के आंकड़े से 1 अधिक है.
कांग्रेस के लिए भी राज्यसभा के नतीजे ठीक ही रहे, क्योंकि 1 एक सीट कांग्रेस को भी मिली है. इसी के साथ राज्यसभा में कांग्रेस की कुल सीटें 26 से बढ़ कर 27 हो गई है. कांग्रेस की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी तो तेलंगाना से उतारा गया था, सिंघवी भी निर्विरोध लिया गया. इसी के साथ राज्यसभा में नेता विपक्ष की कुर्सी सेफ हो गई है. क्योंकि राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष बनने के लिए 25 सीटों की अवश्यक्ता पड़ती है, लेकिन कांग्रेस के पास 27 है.
बता दें कि असम से मिशन रंजन दास और रामेश्वर तेली, हरियाणा से किरण चौधरी, बिहार से मनन कुमार मिश्रा, मध्य प्रदेश से जॉर्ज कुरियन, महाराष्ट्र से धीर्या शील पाटिल, ओडिशा से ममता मोहंता, राजस्थान से रवनीत सिंह बिट्टू और त्रिपुरा से राजीव भट्टाचार्जी, तेलंगाना से अभिषेक मनु सिंघवी ने निर्विरोध जीत दर्ज की है. वहीं महाराष्ट्र से एनसीपी के अजीत पवार गुट के नितिन पाटिल और आरएलएम के उपेंद्र कुशवाहा ने जीत दर्ज की है.