नई दिल्ली : नेपाल के बाढ़ प्रभावित रसुवा जिले के टिमुरे इलाके में 6 साल की बच्ची को करीब 60 घंटे तक मलबे में दबे रहने के बाद जिंदा बाहर निकाला गया. शुरुआती रिपोर्टों में इसे करीब तीन दिन यानी 72 घंटे के आसपास बताया गया था, लेकिन नेपाल के सशस्त्र पुलिस बल (APF) से जुड़ी रिपोर्ट के मुताबिक बच्ची करीब 60 घंटे तक मलबे में फंसी रही.
बच्ची की पहचान मनीषा के रूप में हुई है. बाढ़ और मलबे की तबाही के बाद APF की टीम टिमुरे में लगातार लोगों की तलाश कर रही थी. इसी दौरान जवानों को मलबे के नीचे से बच्ची के रोने जैसी आवाज सुनाई दी। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उस जगह खुदाई शुरू की.
रेस्क्यू टीम के मुताबिक बच्ची का ज्यादातर शरीर कीचड़ में दबा था. एक लकड़ी का ढांचा उसके ऊपर गिरा हुआ था, जिससे उसका सिर पूरी तरह मिट्टी में दबने से बच गया. आवाज मिलने के बाद जवानों ने सावधानी से मलबा हटाया और बच्ची को जिंदा बाहर निकाल लिया.
बाहर निकाले जाने के समय बच्ची की हालत गंभीर थी और वह बेहोश थी।.जवानों ने मौके पर उसे प्राथमिक उपचार दिया, गर्म रखा और बाद में सेना के हेलिकॉप्टर से उसे धुंचे ले जाया गया. स्वास्थ्य बिगड़ने पर उसे आगे इलाज के लिए काठमांडू पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है.
बच्ची के माता-पिता भी बाढ़ में बच गए हैं और उनका इलाज चल रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ के तेज बहाव ने दोनों को एक दीवार से जा टकराया था, जिससे वे किसी तरह बच सके.
रसुवा में आई यह विनाशकारी बाढ़ भोटेकोशी नदी क्षेत्र में आई तबाही का हिस्सा है. इस आपदा में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है और हजारों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं. ऐसे भयावह हालात के बीच 6 साल की बच्ची का मलबे के नीचे से जिंदा मिलना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बन गया है.