नई दिल्ली: उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के दौरान एक दिल छू लेने वाला पल देखने को मिला. ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज के छात्रों ने पीएम मोदी द्वारा सालों पहले लिखी गई कविताओं का पाठ हिंदी और उज्बेक दोनों भाषाओं में किया, जिससे प्रधानमंत्री भावुक हो गए. रविवार को विश्वविद्यालय में छात्रों और शैक्षणिक समुदाय से मुलाकात के दौरान यह अनोखा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुआ.
छात्रों ने पीएम मोदी की तीन कविताएं प्रस्तुत कीं, चौथे वर्ष के छात्र केल्डियोरोव दिलहुशबेक ने हिंदी में ''अभी तो सूरज उगा है'' सुनाई, जिसका उज्बेक अनुवाद तीसरे वर्ष की छात्रा दिलशोदा जुराबोएवा ने किया. ''नए भारत के नए संकल्प'' कविता का हिंदी पाठ ओटाबेक अमीरोव ने और उज्बेक अनुवाद इकरोमखुजा सादिल्लाएव ने प्रस्तुत किया. मानवता, करुणा और शांति पर आधारित ''मानवता को कहीं न लग जाए दाग'' कविता ओरज़ू कुलदोशेवा (हिंदी) और फायोजा अब्दुरासुलोवा (उज्बेक) ने सुनाई.
प्रधानमंत्री मोदी ने इस प्रस्तुति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ''ये कविताएं मैंने बहुत पहले लिखी थीं. आज इन युवाओं से इन्हें सुनने का अवसर मिला. हालांकि हिंदी उनकी मातृभाषा नहीं है, फिर भी उन्होंने वही भावनाएं व्यक्त कीं जो मेरे दिल में तब थीं जब मैंने इन्हें लिखा था. यह तभी संभव होता है जब आप भाषा को जीते हैं, उसमें पूरी तरह डूब जाते हैं.''
उज्बेक राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव द्वारा कुक्सरॉय पैलेस में दिए गए अनौपचारिक रात्रिभोज में भी “अभी तो सूरज उगा है” कविता पर आधारित एक विशेष संगीत प्रस्तुति दी गई. यह पल भारत और उज्बेकिस्तान के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाता है. उज्बेकिस्तान में बॉलीवुड और हिंदी गीतों की लोकप्रियता लंबे समय से रही है, और अब पीएम मोदी की कविताएं भी वहां पहुंच चुकी हैं. प्रधानमंत्री के दो दिवसीय दौरे के दौरान उन्हें देश का सर्वोच्च सम्मान “ऑर्डर ऑफ ओलिय दराजली दुस्तलिक” भी प्रदान किया गया.