मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ-करनाल हाइवे (NH-709A) पर स्थित भूनी टोल प्लाजा पर एक सैनिक के साथ मारपीट की घटना ने तूल पकड़ लिया है. इस मामले में स्थानीय लोगों और सरधना के पूर्व विधायक संगीत सोम ने धरना देकर रोष जताया. नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) पर कार्रवाई का दबाव बढ़ने के बाद प्राधिकरण ने कड़ा कदम उठाया है.
NHAI ने टोल संग्रह एजेंसी मेसर्स धरम सिंह पर 20 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया है. साथ ही, इस एजेंसी को भविष्य में टोल प्लाजा की बोली प्रक्रिया से प्रतिबंधित करने और इसका अनुबंध रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. NHAI ने स्पष्ट किया कि टोल कर्मचारियों का यह व्यवहार पूरी तरह अस्वीकार्य है और ऐसी घटनाओं को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
NHAI ने अपने बयान में कहा कि वह राष्ट्रीय राजमार्गों पर सभी यात्रियों, खासकर सेना और सुरक्षा बलों के जवानों के लिए सुरक्षित और निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. यह घटना 17 अगस्त 2025 को हुई, जब टोल कर्मचारियों और एक सैनिक के बीच विवाद ने हिंसक रूप ले लिया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद NHAI ने तुरंत कार्रवाई की.
गोटका गांव के रहने वाले सैनिक कपिल कावड़, जो जम्मू-कश्मीर में तैनात हैं, अपने चचेरे भाई के साथ दिल्ली हवाई अड्डे जा रहे थे. भूनी टोल प्लाजा पर ट्रैफिक जाम और टोल शुल्क को लेकर हुए विवाद के बाद टोल कर्मचारियों ने कपिल को कथित तौर पर खंभे से बांधकर लाठियों से पीटा. कर्मचारियों पर उनके आईडी कार्ड और मोबाइल छीनने का भी आरोप है. कपिल के बचाव में आए उनके चचेरे भाई के साथ भी मारपीट की गई.
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया. भीड़ ने टोल प्लाजा पर प्रदर्शन किया और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. गुस्साए ग्रामीणों ने टोल प्लाजा पर तोड़फोड़ भी की. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और छह कर्मचारियों को गिरफ्तार किया. मेरठ पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है.
NHAI ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए कहा कि टोल एजेंसी अपने कर्मचारियों को अनुशासित रखने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में नाकाम रही, जो अनुबंध का उल्लंघन है. प्राधिकरण ने इसे राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता का हिस्सा बताया.