नई दिल्ली: दुनियाभर में तेल रिफाइनरियों में लगातार लग रही आग की घटनाओं के बीच अब इन हादसों के पीछे आतंकी एंगल की भी जांच शुरू हो गई है. भारत समेत छह देशों में पिछले करीब 50 दिनों में रिफाइनरियों में आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं, जबकि मध्य-पूर्व में जारी युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है. भारत में राष्ट्रीय जांच एजेंसी की एक टीम बुधवार को राजस्थान के पचपदरा स्थित एचपीसीएल रिफाइनरी पहुंची.
यहां 20 अप्रैल को, उद्घाटन से ठीक एक दिन पहले, भीषण आग लग गई थी. शुरुआती जांच में हाइड्रोकार्बन लीकेज को आग का कारण बताया गया है, हालांकि रिफाइनरी को संरचनात्मक रूप से सुरक्षित बताया गया है. इस बीच ताजा घटना इराक से सामने आई है, जहां कुर्दिस्तान क्षेत्र की राजधानी एरबिल की एक रिफाइनरी में विस्फोट की खबर है. हालांकि नुकसान और कारणों को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है.
यह घटना भी हाल के दिनों में दुनिया भर में रिफाइनरियों में लगी रहस्यमयी आग और धमाकों की श्रृंखला में जुड़ गई है. 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों के बाद से अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, मैक्सिको, इक्वाडोर, इराक और भारत में तेल प्रतिष्ठानों पर आग और विस्फोट की घटनाएं सामने आई हैं. इसके अलावा रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट में भी 20 अप्रैल को एक थर्मल प्लांट में आग लगी थी.
राजस्थान की रिफाइनरी में लगी आग की जांच के लिए एनआईए के साथ-साथ राज्य की एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) की टीम भी मौके पर पहुंची. जांच में खुफिया अधिकारी, फोरेंसिक विशेषज्ञ और साइबर एक्सपर्ट शामिल हैं, जो उस यूनिट की जांच कर रहे हैं जहां से आग शुरू होने की आशंका है. इससे पहले 4 अप्रैल को ओएनजीसी के मुंबई हाई स्थित प्लेटफॉर्म पर भी आग लगने की घटना हुई थी, जिसमें 10 लोग घायल हुए थे.
दुनिया के अन्य हिस्सों में भी ऐसी घटनाएं
इन घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या यह महज संयोग है या इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश हो सकती है. सोशल मीडिया पर भी कुछ लोगों ने आशंका जताई है कि वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति को प्रभावित करने के लिए ऐसी घटनाएं कराई जा सकती हैं.
फिलहाल, इन सभी मामलों की सच्चाई गहन जांच के बाद ही सामने आएगी. भारत में राजस्थान रिफाइनरी मामले की जांच को अहम माना जा रहा है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह हादसा तकनीकी खामी था या इसके पीछे कोई और वजह.