नितिन गडकरी ने एक ऐसा बयान दिया है कि जिसके कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं, 2029 में उनकी भूमिका के बारे में उनसे सवाल पूछा गया तो वो इशारा देते हैं 2029 में कुछ ऐसा होगा जो इन 11 वर्षों में नहीं हुआ. अभी तक जो हुआ है वो तो न्यूज रील थी, असली फिल्म शुरू होना बाकी है. किसी कार्यकर्ता की क्या जिम्मेदारी होगी और वह क्या काम करेगा, यह पार्टी तय करती है. मुझे जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी, मैं उसे पूरा करूंगा. मैंने कभी अपना राजनीतिक बायोडेटा प्रकाशित नहीं किया है और न ही कभी समर्थकों से हवाई अड्डों पर उनके लिए भव्य स्वागत कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कहा है.
किसानों पर क्या बोले गडकरी
मेरी व्यक्तिगत इच्छा विदर्भ में किसानों की आत्महत्या रोकने की दिशा में काम करना है. आजकल मैं सड़क निर्माण के बजाए कृषि और अन्य सामाजिक पहलों पर अधिक काम करता हूं. जनसंख्या नियंत्रण विधेयक का समर्थन . यह कोई धार्मिक या भाषाई मुद्दा नहीं है. यह एक आर्थिक मुद्दा है. इतना विकास होने के बावजूद, परिणाम दिखाई नहीं दे रहे हैं. इसका कारण बढ़ती जनसंख्या है. बीजेपी में नितिन गडकरी की ताकत का अंदाजा शायद आज के बीजेपी कार्यकर्ताओं को न हो, लेकिन पुराने बीजेपी कार्यकर्ताओं को अच्छी तरह पता है कि गडकरी की ताकत क्या थी और क्या है. क्या नितिन गडकरी बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनेंगे, क्योंकि वो इस पद के बड़े दावेदार हैं, पहले बीजेपी के अध्यक्ष रह भी चुके हैं. लेकिन किसी भी बड़े पद पर बैठने से पहले नितिन गडकरी की कमजोरियों के बारे में भी जानना होगा.
लोकसभा चुनाव 2024 में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी महाराष्ट्र के यवतमाल में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए अचानक गिर पड़े. अचानक उन्हें बेहोशी आई और वह मंच पर ही लड़खड़ाकर गिरने लगे. सुरक्षाकर्मी ने उन्हें संभाला और तुरंत अस्पताल ले जाया गया. कुछ देर बाद वह स्वस्थ होकर लौट आए और अपनी स्पीच भी पूरी की. 68 साल के गडकरी उम्र में पीएम मोदी से 6 साल छोटे हैं, उन्हें प्रदूषण की वजह से देश की राजधानी दिल्ली में रहना पसंद नहीं है, उन्होंने एक बार कहा- बढ़ते प्रदूषण के चलते दिल्ली नहीं जाना चाहता हूं, दिल्ली का दौरा करने पर अक्सर संक्रमण हो जाता है. हर बार दिल्ली आता हूं तो ऐसा लगता है जाना ही नहीं चाहिए, इतना भयंकर प्रदूषण है. अगर आप दिल्ली में तीन दिन रह लें तो संक्रमण हो जाएगा.
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा- दिल्ली का दौरा करने पर अक्सर संक्रमण हो जाता है

नागपुर से आने वाले गडकरी ने ये बातें दिल्ली और मुंबई दोनों शहरों के लिए कही, खुद वो कहते भी हैं कि सामाजिक मुद्दों पर काम कर रहे हैं, तो क्या गडकरी प्रदूषण की समस्या पर भी कुछ सोच रहे हैं, अक्सर कई लोग कहते हैं गडकरी जैसे नेता अगर सियासत छोड़ भी दें तो वो समाजसेवा में लगे रहेंगे. पर गडकरी ने जो बयान दिया है कि पार्टी जो चाहेगी वो करूंगा, वो साफ इशारा कर रहा है कि वो 2029 में खुद को मंत्री के रूप में नहीं देख रहे हैं, अगर पार्टी ने कहा तो बनेंगे वरना जो जिम्मेदारी निभाएंगे. हालांकि एक सवाल गडकरी के बयान में जो सबसे बड़ा है, वो है किसी भी समर्थक को एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत के लिए फूल लेकर खड़े रहने नहीं कहा, आखिर गडकरी का ये इशारा किन नेता की ओर था, जो लोग जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर हिंदू-मुस्लिम की बातें करते हैं, और गडकरी को विकासात्मक छवि वाला नेता मानते हैं, उन्हें भी शायद गडकरी के इस बयान के बाद समझ आए कि जनसंख्या नियंत्रण कानून देश में कितना जरूरी है. एक तरफ गडकरी की बीमारी है तो दूसरी तरफ उनकी जिम्मेदारियां हैं, अपने कार्यकाल में वो सड़के लगातार बनवा रहे हैं, सड़कों के गड्ढे हटाने और टोल टैक्स पर नए-नए नियम ला रहे हैं, पर अगली जिम्मेदारी की जैसी ही बात आती है गडकरी पार्टी पर छोड़ देते हैं, तो ये संदेश क्या है.
nitin gadkari 2029
pm election prediction
gadkari future plans
2029 prime minister race
nitin gadkari news
gadkari political buzz
gadkari pm statement
2029 elections india
indian politics 2029
gadkari viral comment