हैदराबाद: तेलंगाना के निजामाबाद जिले में एक निजी स्कूल में बिना सरकारी अनुमति के उर्दू पढ़ाने और नमाज कराने का मामला सामने आने के बाद तहसीलदार की शिकायत पर स्कूल संचालक, प्रिंसीपल और शिक्षक के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. 27 जून को यह विवाद सामने आया, जब अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कूल में हिंदी शिक्षक उर्दू पढ़ा रहा था, जो सिलेबस का हिस्सा नहीं है और नियमों का उल्लंघन है. वायरल वीडियो में प्राइमरी के छात्र बताते दिख रहे हैं कि उन्हें रोज उर्दू पढ़ाई जाती है और नोट्स भी बनवाए जाते हैं.
BJP और हिंदू संगठनों का प्रदर्शन
मामला सामने आते ही BJP कार्यकर्ताओं और हिंदू संगठनों ने स्कूल के खिलाफ प्रदर्शन किया. आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने स्कूल परिसर में घुसकर स्टाफ पर हमला भी किया, जिस पर अलग से केस दर्ज किया गया है. आर्मूर स्थित इस परिसर में दो स्कूल चल रहे हैं, भविष्य दर्शिनी (कक्षा 1 से 7) और भारत चंद्र (कक्षा 8 से 10). पुलिस, राजस्व और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्कूल का दौरा कर जांच शुरू की है.
तहसीलदार सत्यनारायण ने प्रारंभिक जांच में पाया कि प्राइमरी छात्रों को बिना अनुमति उर्दू पढ़ाई जा रही थी. उन्होंने कहा कि प्रिंसीपल को इसकी जानकारी होने के बावजूद उर्दू पढ़ाई में सहयोग किया गया. नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.
शिक्षा विभाग की जांच
शिक्षा विभाग भी स्कूल में नियमों के उल्लंघन की जांच कर रहा है. पुलिस ने बताया कि उर्दू पढ़ाने के लिए सरकारी अनुमति जरूरी है, जिसके अभाव में यह गैरकानूनी है. यह मामला स्कूल पाठ्यक्रम में धार्मिक गतिविधियों और भाषा शिक्षण को लेकर उठ रहे संवेदनशील मुद्दों को फिर से चर्चा में ला रहा है. दोनों पक्षों के खिलाफ दर्ज मामलों की जांच जारी है.