अयोध्या: राम मंदिर दान चोरी कांड में गिरफ्तार कर्मचारी लवकुश मिश्रा ने मात्र ₹12,000-15,000 मासिक वेतन पर काम करते हुए अपनी पत्नी के नाम पर जमीन खरीदी और उस पर दो मंजिला घर बनवाना शुरू कर दिया, जिसकी मौजूदा कीमत करीब ₹25 लाख बताई जा रही है. मीडिया द्वारा प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, लवकुश मिश्रा राम मंदिर ट्रस्ट में लगभग एक साल पहले शामिल हुआ था. इसके बाद उसकी पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम पर अयोध्या-लखनऊ हाईवे के पास सहादतगंज-बनबीरपुर इलाके में लगभग 1000 वर्ग फुट का प्लॉट ₹8.8 लाख में खरीदा गया.
प्लॉट पर दो मंजिला मकान का निर्माण फरवरी 2025 से शुरू हुआ, जिसमें बिजली का काम भी चल रहा था. स्थानीय लोगों ने बताया कि निर्माण शुरू होने पर लवकुश मिश्रा परिवार सहित नियमित रूप से साइट पर आता था. भूमि पूजन भी हुआ था. पड़ोसी राजकुमार पांडे ने कहा, "यह लवकुश मिश्रा का घर है. निर्माण फरवरी पिछले साल शुरू हुआ था. हम उनसे समय-समय पर मिलते थे."
हालांकि, राम मंदिर दान चोरी का मामला सामने आने और लवकुश की गिरफ्तारी के बाद निर्माण कार्य अचानक रुक गया है. पिछले कुछ दिनों से न तो मजदूर नजर आ रहे हैं और न ही परिवार के सदस्य. पड़ोसियों का कहना है कि लवकुश मिश्रा और उनका परिवार साधारण दिखता था. वे मोटरसाइकिल से आते-जाते थे. किसी ने कभी उन्हें अमीरी का प्रदर्शन करते नहीं देखा.
एक स्थानीय ने कहा, "उनके लाइफस्टाइल से कभी नहीं लगा कि उनके पास इतना पैसा है. यह घर उन्होंने कैसे बनाया, यह तो वे ही बता सकते हैं." 27 वर्षीय लवकुश मिश्रा मंदिर में चढ़ावे की नकदी गिनने वाले स्टाफ में था. पुलिस ने हाल ही में उसके घर से करीब ₹12 लाख बरामद किए हैं. राम मंदिर दान में कथित तौर पर कम से कम ₹7 करोड़ से ज्यादा की नकदी और आभूषण गबन होने का आरोप है. SIT जांच कर रही है, जिसमें अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और करीब ₹80 लाख बरामद हुए हैं.
इस घोटाले ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में हलचल मचा दी है, जिसमें महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा जैसे बड़े नामों के इस्तीफे भी शामिल हैं. यह मामला राम भक्तों के भावनात्मक दान के दुरुपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है. जांच एजेंसियां लवकुश मिश्रा की संपत्ति और वित्तीय लेन-देन की गहराई से छानबीन कर रही हैं.