Operation Sindoor India: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत द्वारा पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में चलाए गए "ऑपरेशन सिंदूर" की देश-विदेश में सराहना हो रही है। लेकिन इस सफल सैन्य अभियान पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान ने राजनीतिक घमासान छेड़ दिया है।
राहुल गांधी ने बार-बार यह सवाल उठाया है कि इस ऑपरेशन में भारत ने कितने एयरक्राफ्ट गंवाए? उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान को हमले की जानकारी पहले से क्यों दी गई, और विदेश मंत्री एस. जयशंकर की चुप्पी को "अपराध" करार दिया।
बीजेपी का तीखा पलटवार
राहुल गांधी के इन बयानों पर बीजेपी ने तीखा पलटवार किया है। पार्टी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने राहुल गांधी की तुलना मीर जाफर से करते हुए कहा कि "वह पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं।"
मालवीय ने एक पोस्ट में राहुल गांधी की तस्वीर को पाकिस्तानी सेना प्रमुख के साथ जोड़ते हुए लिखा, "क्या राहुल गांधी को अब निशान-ए-पाकिस्तान मिलने वाला है?"
उनका कहना था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस प्रकार देश की सुरक्षा को प्राथमिकता दी और सफल सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया, उस पर राहुल गांधी ने बधाई देना तो दूर, पाकिस्तान को हुए नुकसान का भी जिक्र नहीं किया।
ऑपरेशन सिंदूर: आतंक के ठिकानों पर प्रहार
"ऑपरेशन सिंदूर" को भारत की सैन्य नीति का एक निर्णायक कदम माना जा रहा है, जिसमें सीमापार मौजूद आतंकी ठिकानों को नष्ट किया गया। इस अभियान में कई आतंकियों के मारे जाने और पाकिस्तानी सैन्य ढांचे को नुकसान पहुंचाने की खबर है।
इस ऑपरेशन को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की रणनीति की प्रशंसा की जा रही है, लेकिन विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवाल सियासी बहस का विषय बन गए हैं।
सियासी समीकरणों पर असर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी का यह बयान उनकी पार्टी को नुकसान पहुंचा सकता है, खासकर जब पूरा देश सैन्य कार्रवाई के समर्थन में एकजुट है। वहीं बीजेपी इसे राष्ट्रहित से जोड़ते हुए विपक्ष को "देशविरोधी मानसिकता" से जोड़ने की कोशिश कर रही है।