लखनऊ/आजमगढ़: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले सियासी बिसात गरमा गई है. AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को खुले मंच से जोरदार चुनौती दी है. ओवैसी ने कहा कि योगी संभल से और अखिलेश गोरखपुर से चुनाव लड़कर दिखाएं, जनता और AIMIM दोनों जगह उन्हें हरा देगी.
ओवैसी ने आरोप लगाया कि योगी और अखिलेश के बीच सेटिंग हो चुकी है. दोनों अयोध्या को फुटबॉल की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं. उन्होंने अयोध्या में कथित वित्तीय गड़बड़ी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि चंदे को लेकर SIT की रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है. पकड़े गए लोगों को जमानत मिलने वाली है, फिर भी दोनों नेता इस पर राजनीति कर रहे हैं.
सपा पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने कहा कि मुसलमानों ने दो-तीन पीढ़ियों तक सपा का साथ दिया, लेकिन इससे उनका नुकसान ही हुआ. उन्होंने सवाल किया कि सपा ने आजमगढ़ को क्या दिया और शिबली कॉलेज को विश्वविद्यालय का दर्जा क्यों नहीं दिलाया. ओवैसी ने दावा किया कि अब मुसलमान दूसरों को नेता बनाने के बजाय खुद नेतृत्व करना और सत्ता में हिस्सेदारी चाहते हैं. सपा इस बदलाव को समझ नहीं पा रही है.
2014, 2017, 2019, 2022 और 2024 के चुनावों का जिक्र करते हुए ओवैसी ने कहा कि इन सभी में सपा हार गई. अब वोट की राजनीति नहीं चलेगी क्योंकि हालात बदल रहे हैं. आजमगढ़ की रैली में उन्होंने सपा, भाजपा और कांग्रेस तीनों पर हमला बोला. चुनाव आयोग पर तंज कसते हुए कहा कि जेवर एयरपोर्ट की तरह इसका नाम भी ‘प्रधानमंत्री जिताओ कमीशन’ कर देना चाहिए.
योगी पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने आरोप लगाया कि 2024 में 108 करोड़ की लागत से बना एयरपोर्ट आठ महीने में बंद हो गया और 900 करोड़ का विश्वविद्यालय बनाने के बावजूद छात्रवृत्ति नहीं मिली. उन्होंने लोगों से अपील की कि नेता बनना है तो सबसे पहले मतदाता सूची में अपना नाम जांचें और जरूरत पड़ने पर फॉर्म-6 भरें. ओवैसी ने कहा कि AIMIM लोगों को नेतृत्व का अवसर देना चाहती है, हुकूमत करने नहीं आई है.