नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के माहौल में भारतीय सेना ने दावा किया है कि उसने पाकिस्तानी एयरबेस तबाह कर दिये हैं. मिडिया रिपोर्ट्स में द्वा किया जा रहा है कि पाकिस्तान के 5 एयरबेस भारतीय सेना ने निशना बनाए हैं, आज हम आपको इन्हीं एयरबेस के बारे में बताने वाले हैं. साथ ही ये भी जानकारी आपको देंगे कि पाकिस्तान में कुल कितने एयरबेस हैं, उनमें से कितने ज्यादा महत्वपूर्ण हैं, अब तक हुए युद्धों में किस एयरबेस से पाकिस्तान ने भारत को ज्यादा नुकसान पहुंचाया है?
पाकिस्तान में एयरबेस की संख्या
पाकिस्तान की तरफ से कभी अपने सारे एयरबेस का खुलासा नहीं किया गया है, हालांकि सोर्स के मुताबिक पाकिस्तान वायुसेना के पास लगभग 40 एयरबेस हैं. जिसमें तीन तरह के एयरबेस पाकिस्तान के पास हैं.
फ्लाइंग बेस: 13 से 19 (इनसे विमान शांतिकाल और युद्धकाल में संचालित होते हैं)।
नॉन-फ्लाइंग बेस: 8 से 21 (प्रशिक्षण, प्रशासन, रखरखाव, या मिशन सहायता के लिए)।
अतिरिक्त हवाई क्षेत्र: लगभग 24 सिविलियन हवाई क्षेत्र हैं, जिनका उपयोग युद्धकाल में सैन्य विमानों के लिए किया जा सकता है।
ये पाकिस्तान के एयरबेस थे चलिए अब आपको ये भी बताते हैं कि पाकिस्तानी एयरफोर्स की महत्वपूर्ण कमांड कौनसी हैं? अगर युद्ध होता है तो किस कमांड के माध्यम से पाकिस्तान सबसे ज्यादा आक्रमक हमला कर सकता है?
उत्तरी वायु कमांड (पेशावर)
मध्य वायु कमांड (लाहौर)
दक्षिणी वायु कमांड (कराची)
वायु सेना रणनीतिक कमांड (इस्लामाबाद)
वायु रक्षा कमांड (रावलपिंडी)
अब तक भारत-पाकिस्तान के बीच कई बार युद्ध हो चुके हैं, इन युद्धों में कौनसे ऐसे एयरबेस हैं जिन्होने युद्ध के दौरान अहम भूमिका निभाई हैं. भारत-पाकिस्तान युद्ध (1947, 1965, 1971) और हाल के तनावों (2025) के दौरान कुछ एयरबेस रणनीतिक और सैन्य दृष्टि से महत्वपूर्ण रहे हैं। नीचे प्रमुख युद्धों और हाल की घटनाओं के आधार पर महत्वपूर्ण एयरबेस दिए गए हैं.
1947 भारत-पाकिस्तान युद्ध (कश्मीर युद्ध)
महत्वपूर्ण एयरबेस: इस समय PAF के पास केवल 7 एयरबेस थे, जो नवगठित थे।
स्कार्दू: रात में आपूर्ति ड्रॉप मिशन के लिए उपयोग हुआ।
इस युद्ध में हवाई युद्ध सीमित था, और एयरबेस मुख्य रूप से आपूर्ति और रसद के लिए उपयोगी थे।
1965 भारत-पाकिस्तान युद्ध
रफीकी (शोरकोट): मिराज III विमानों का आधार, जिसे भारतीय वायु सेना ने हमला कर 10 विमान नष्ट किए।
सरगोधा (मुशाफ): PAF का केंद्रीय आधार, जहां से F-86 सेबर जेट संचालित हुए। इसे IAF ने निशाना बनाया।
पेशावर: हवाई रक्षा के लिए महत्वपूर्ण, जहां से F-86 सेबर ने भारतीय कैनबरा को रोका।
सरगोधा और रफीकी PAF के आक्रामक और रक्षात्मक अभियानों के लिए महत्वपूर्ण थे।
1971 भारत-पाकिस्तान युद्ध (बांग्लादेश मुक्ति युद्ध)
मसरूर (कराची): PAF का सबसे बड़ा एयरबेस, जहां नंबर 6 स्क्वाड्रन (C-130B) ने रात में बमबारी मिशन चलाए।
सरगोधा (मुशाफ): प्रमुख हवाई अभियानों का केंद्र।
पूर्वी पाकिस्तान में तेजगांव IAF के लिए प्राथमिक लक्ष्य था, जिसके निष्क्रिय होने से PAF की हवाई शक्ति समाप्त हो गई। पश्चिमी पाकिस्तान में मसरूर और सरगोधा रणनीतिक हमलों के लिए महत्वपूर्ण थे।
ऑपरेशन सिंदूर जब से भारत ने लॉन्च किया है, तभी से पाकिस्तान को उसकी हर नापाक हरकत का जवाब दिया जा रहा है, और भारतीय सेना ने दावा किया है कि पाकिस्तान पर किए पलटवार में उसके 5 महत्वपूर्ण एयरबेसों को इंडियन एयरफोर्स ने तबाह कर दिया है. तो आपको ये भी बताते हैं कि ये एयरबेस कितने महत्वपूर्ण हैं.
नूर खान (रावलपिंडी): परिवहन और रसद के लिए महत्वपूर्ण, ड्रोन संचालन का केंद्र।
मुरिद (चकवाल): उत्तरी वायु कमांड के तहत, भारत-पाक सीमा के निकट रणनीतिक महत्व।
रफीकी (शोरकोट): मिराज III और अन्य इकाइयों का आधार, 1965 में भी निशाना बना था।
मुशाफ (सरगोधा): PAF का केंद्रीय आधार, हाल के हमलों में भारतीय सेना द्वार इसे भी निशाना बनाने का दावा किया जा रहा है।
रहीम यार खान: कहा जा रहा है कि इस एयरबेस को भी भारतीय सेना ने काफी ज्यादा नुकसान पहुंचाया है.
ये सभी एयरबेस PAF के रणनीतिक अभियानों और हवाई रक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं। पाकिस्तान का दावा है कि कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन इन दावों में कितनी सच्चाई है इस बात की पुष्टि कोई नहीं कर सकता है, क्योंकि पाकिस्तान हमेशा से ही अपने झूठ और आतंकवाद के लिए कुख्यात रहा है।
अब हम आपको ये भी बताते हैं कि अब तक हुए भारत-पाकिस्तान के युद्धों में किस-किस एयरबेस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. और आज चल रही जंग के बीच कौन से पाकिस्तानी एयरबेस ज्यादा महत्वपूर्ण हैं.
1965 युद्ध में सरगोधा और रफीकी प्रमुख लक्ष्य थे।
1971 युद्ध में तेजगांव (पूर्वी पाकिस्तान) और मसरूर (पश्चिमी पाकिस्तान) सबसे महत्वपूर्ण थे।
2025 भारत-पाक तनाव में नूर खान, मुरिद, रफीकी, मुशाफ और रहीम यार खान को भारतीय वायुसेना ने निशाना बनाया है, ये सभी एयरबेस PAF की रणनीतिक के लिए बेहद ही महत्वपूर्ण माने जा रहे थे।