नई दिल्ली: संसद के मॉनसून सत्र का पहला दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया। लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष ने ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम आतंकी हमले पर तत्काल चर्चा की मांग की, जिसके चलते दोनों सदनों की कार्यवाही दिन में कई बार स्थगित करनी पड़ी। बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (बीएसी) की बैठक में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के लिए 25 घंटे का समय तय किया गया है, जो तीन दिनों में फैला होगा।
इसके अलावा, आईटी बिल पर 12 घंटे की चर्चा का प्रस्ताव भी रखा गया है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार ऑपरेशन सिंदूर और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन यह संसद के नियमों के तहत होगी। उन्होंने विपक्ष से सदन की कार्यवाही में सहयोग की अपील की।
दूसरी ओर, विपक्षी दलों ने पहलगाम हमले, बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर), और अहमदाबाद में एयर इंडिया विमान हादसे जैसे मुद्दों को उठाने की रणनीति बनाई है। राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने सदन को आश्वासन दिया कि ऑपरेशन सिंदूर पर विस्तृत चर्चा होगी। वहीं, कांग्रेस सांसद के. सुरेश ने बताया कि बीएसी की बैठक में सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर पर 16 घंटे की चर्चा के लिए सैद्धांतिक सहमति दी है।
सत्र के दौरान सरकार 17 विधेयकों को पेश करने की योजना बना रही है, जिसमें आयकर विधेयक 2025 और मणिपुर जीएसटी (संशोधन) विधेयक शामिल हैं। संसद का यह मॉनसून सत्र 21 जुलाई से शुरू होकर 21 अगस्त तक चलेगा, जिसमें 32 दिनों में 21 बैठकें होंगी। 12 से 17 अगस्त तक स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए सत्र स्थगित रहेगा।