लखनऊ : उत्तर प्रदेश की बेटी और यूपी पुलिस की डीएसपी पारुल चौधरी ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन किया है. जापान के नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में पारुल ने महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किया.
पारुल ने फाइनल रेस में 9 मिनट 08.67 सेकंड का समय निकाला और तीसरे स्थान पर रहीं. उन्होंने अपना ही पिछला राष्ट्रीय रिकॉर्ड 9:12.46 पीछे छोड़ दिया. इस प्रदर्शन के साथ पारुल 3000 मीटर स्टीपलचेज में 9 मिनट से 10 सेकंड के भीतर समय निकालने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं.
रेस में बहरीन की विनफ्रेड यावी ने 9:04.36 के एशियन गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड, जबकि कजाकिस्तान की नोराह जेरुतो ने 9:06.82 के साथ सिल्वर जीता. भारत की दूसरी धावक अंकिता ने भी 9:19.24 का पर्सनल बेस्ट बनाया और चौथे स्थान पर रहीं.
पारुल के लिए यह एशियन गेम्स में स्टीपलचेज का लगातार दूसरा पदक है, इससे पहले उन्होंने 2023 के हांगझोउ एशियन गेम्स में इसी स्पर्धा में सिल्वर जीता था. पारुल की कहानी संघर्ष और जुनून की मिसाल है. मेरठ के इकलौता गांव से निकलकर उन्होंने स्कूली दिनों में बिना जूतों के दौड़ना शुरू किया था. किसान परिवार से आने वाली पारुल ने धीरे-धीरे 1500, 3000 और 5000 मीटर के साथ स्टीपलचेज में अपनी पहचान बनाई.
शानदार खेल प्रदर्शन के बाद वह रेलवे से जुड़ीं और बाद में यूपी पुलिस में पुलिस उपाधीक्षक बनीं. नागोया में तिरंगे के साथ उनका जश्न उनकी लंबी मेहनत और सफर की तस्वीर बन गया.