लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे की बातचीत अब अहम दौर में पहुंचती दिख रही है. दोनों दल गठबंधन को बनाए रखने की बात कह रहे हैं, लेकिन सीटों और उम्मीदवारों को लेकर अभी सहमति नहीं बनी है. 30 सितंबर को दिल्ली में होने वाली INDIA ब्लॉक की बैठक के बीच इस मुद्दे पर चर्चा की संभावना है. हालांकि, अखिलेश यादव इस बैठक में शामिल नहीं होंगे और सपा की ओर से प्रतिनिधि हिस्सा लेगा.
जानकारी के मुताबिक, सपा का जोर केवल सीटों की संख्या तय करने के बजाय ‘विनबिलिटी’ यानी जीतने की क्षमता को आधार बनाने पर है. अखिलेश यादव पहले ही कह चुके हैं कि गठबंधन में सीटों का बंटवारा इस आधार पर होना चाहिए कि किस पार्टी के पास संबंधित सीट पर जीतने वाला उम्मीदवार और मजबूत जमीन है. सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक सपा कांग्रेस से उन सीटों और संभावित उम्मीदवारों की जानकारी मांग सकती है, जिन पर कांग्रेस चुनाव लड़ना चाहती है. यानी सिर्फ सीट का दावा नहीं, बल्कि उम्मीदवार की राजनीतिक पकड़ और चुनावी क्षमता भी चर्चा का हिस्सा हो सकती है.
दूसरी तरफ कांग्रेस यूपी में ज्यादा सीटों की मांग कर रही है. कांग्रेस की ओर से 150 से अधिक सीटों की मांग की बात सामने आई है, जबकि सीट बंटवारे को अक्टूबर तक अंतिम रूप देने की कोशिश की जा रही है. 2024 लोकसभा चुनाव में यूपी की 80 सीटों पर सपा ने 37 और कांग्रेस ने 6 सीटें जीती थीं. अब 2027 में 403 विधानसभा सीटों को लेकर दोनों दलों के बीच सीट, उम्मीदवार और जमीनी ताकत का गणित गठबंधन की अगली तस्वीर तय करेगा.