लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. अब बिहार की सत्ताधारी जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने भी यूपी के चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी तेज कर दी है. पार्टी ने प्रदेश में संगठन विस्तार के साथ संभावित विधानसभा सीटों पर अपनी ताकत परखना शुरू कर दिया है.
JDU की ओर से सामने आई जानकारी के मुताबिक पार्टी करीब 60 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है. हालांकि, किन सीटों पर उम्मीदवार उतारे जाएंगे और अंतिम सीटों की संख्या कितनी होगी, इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है. JDU के यूपी प्रभारी और बिहार सरकार में मंत्री श्रवण कुमार ने भी पार्टी की चुनावी तैयारियों की पुष्टि की है.
पार्टी का खास फोकस पूर्वांचल पर बताया जा रहा है. JDU उन विधानसभा क्षेत्रों में संगठन और बूथ स्तर की ताकत को देख रही है, जहां कुर्मी और कोइरी जैसे ओबीसी समूहों के साथ अन्य सामाजिक समीकरण मौजूद हैं. श्रवण कुमार के मुताबिक सीटों के चयन में विधानसभा क्षेत्र में पार्टी की बूथ स्तर की स्थिति को भी ध्यान में रखा जाएगा.
JDU ने वाराणसी में 25 अक्टूबर 2026 को बड़ा कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित करने की तैयारी की है, इसमें बिहार के स्वास्थ्य मंत्री और नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के शामिल होने की जानकारी सामने आई है. पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है. इसे यूपी चुनाव अभियान की औपचारिक शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है.
2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में JDU ने अकेले चुनाव लड़ा था. अलग-अलग रिपोर्टों में सीटों की संख्या 26 या 27 बताई गई है; पार्टी किसी भी सीट पर जीत दर्ज नहीं कर सकी थी. इस बार JDU की नजर संगठन विस्तार और संभावित गठबंधन, दोनों विकल्पों पर है. यानी 2027 की लड़ाई में JDU की एंट्री से खासकर पूर्वांचल की सियासत में एक और राजनीतिक खिलाड़ी सक्रिय होता दिख रहा है.