नई दिल्ली: बरेली में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा उलटफेर देखने को मिला है. 2019 बैच के पीसीएस अधिकारी और वर्तमान सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया. यह कदम गणतंत्र दिवस के दिन उठाया गया, जिससे उत्तर प्रदेश की नौकरशाही में खलबली मच गई है.
अलंकार अग्निहोत्री ने अपना त्यागपत्र ईमेल के जरिए जिलाधिकारी और अन्य उच्च अधिकारियों को भेजा. इस्तीफे की मुख्य वजहें दो प्रमुख मुद्दे बताई जा रही हैं...
कौन हैं अलंकार अग्निहोत्री?
अलंकार अग्निहोत्री कानपुर नगर के निवासी हैं और उन्होंने उन्नाव, बलरामपुर, लखनऊ जैसे जिलों में एसडीएम रह चुके हैं. आईआईटी-बीएचयू से बीटेक करने के बाद आईटी सेक्टर में 10 साल काम किया, फिर पहले ही प्रयास में पीसीएस पास किया. उनकी स्पष्टवादी और सख्त छवि रही है.
इस्तीफे का पत्र काफी विस्तृत (करीब 5 पेज) है, जिसमें उन्होंने सरकार की नीतियों को समाज-विरोधी बताया, ब्राह्मणों पर हो रहे कथित अत्याचारों का जिक्र किया और जनप्रतिनिधियों से सवाल उठाए कि वे चुप क्यों हैं. उन्होंने इसे "स्वधर्म और स्वाभिमान" से जोड़ते हुए कहा कि पद से बड़ा उनका धर्म और समाज है.
प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में इस घटना से हलचल तेज है. अभी तक शासन स्तर से इस्तीफे की कोई आधिकारिक स्वीकृति या अस्वीकृति की पुष्टि नहीं हुई है. सोशल मीडिया पर उनका पत्र और फोटो वायरल हो रहे हैं, जहां कुछ लोग इसे साहसिक कदम मान रहे हैं, तो कुछ इसे भावुक फैसला बता रहे हैं. यह मामला उत्तर प्रदेश में नौकरशाही के भीतर असहमति के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जो आगे चलकर बड़ी बहस छेड़ सकता है.