नई दिल्ली: आक्रांता औरंगजेब की कब्र को तोड़ने की लड़ाई अब एक बड़ी जंग बन चुकी है. महाराष्ट्र के नागपुर में इस जंग की शुरुआत भी देखने को मिली. जहां छत्रपति शिवाजी महाराज चौक पर दो पक्ष अपस में भिड़ गए. मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार, वहां उस समय हिंसा की स्थिति उत्पन्न हो गई जब शिवाजी और औरंगजेब के समर्थक आमने-सामने आ गए.

इस दौरान शिवाजी चौक पर जम कर बवाल होता है. पत्थरबाजी के कम से कम एक दर्जन वीडियो सामने आए हैं, जिसमें स्पष्ट तौर देखा जा सकता है कि उपद्रवी किस प्रकार से गाड़ियों को जलाते हैं और सड़को पर तांडव करते हैं. जो तस्वीरें सामने आई हैं उन्हें देख कर हर किसी का दिल दहल जाएगा.

इन तस्वीरों में दिख रहा है कि किस तरह से एक संप्रदाय के लोग गाड़ियों में आग लगा रहे हैं. एक युवक इन हमलावरों की चपेट में आई अपनी गाड़ी को चोटिल हाथ से भी बचाने की कोशिश कर रहा है. तो वहीं दूसरी तस्वीर में सड़कों पर पत्थर बिखरे पड़े हैं. सामने आग जल रही है. ये जो आग लगी हुई है ये कोई आम आग नहीं, बल्कि दंगाइयों के द्वारा जलाई हुई गाड़ी है. एक घर के दरवाजे पर लोगों की भीड़ खड़ी हुई है.

लोगों के हाथों में डंडे और कई प्रकार के हथियार स्पष्ट तौर पर देखे जा सकते हैं. उपद्रवियों के पास ही एक छोटा सा मंदिर भी है. मंदिर के अंदर रोशनी जल रही है, जिससे पता चलता है कि ये हिंदू बस्ती है. जहां लोगों ने बवाल होने से पहले ही पूजा की होगी. मीडिया रिपोर्ट्स से जानकारी मिलती है कि उपद्रवियों ने सबसे ज्यादा शिवाजी महाराज चौक स्थित क्षेत्र को झुलसाया है.

इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग पुलिस को देखकर भागते हुए नजर आते हैं. वहीं एक लड़का पुलिस से भी भिड़ जाता है. पुलिस के सामने इसकी अकड़ देख कर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि यहां के हालात क्या होंगे?

अब अगली तस्वीर को भी देखिये. कैसे सिर पर टोपी पहने सैकड़ों लोगों की भीड़ नारेबाजी कर रही है. कुछ तस्वीरें उन गाड़ियों की हैं, जिन्हें दंगाइयों ने तोड़ा है. ऐसी ही और भी अनेकों वीडियो हैं जिन्हें देख कर आपको दंगाइयों की बर्बरता के बारे में पता चल जाएगा, लेकिन इस बर्बर भीड़ की पत्थरबाजी में सिर्फ आम लोग ही घायल नहीं हुए हैं बल्कि, पुलिस भी को गंभीर चोटें आई हैं. कुछ पुलिस कर्मियों को गोली लगने की भी खबर है. साथ ही सरकारी गाड़ियों को जलाया गया है.

अब आपको ये भी बता देते हैं किस तरह से ये बवाल अपने चमर पर पहुंचा? और इसका दोषी कौन था? किसने इस पूरे दंगे की आग को फैलाया? दरअसल, इस बवाल के पीछे है औरंगजेब. आप भी सुन कर चौंक गए होंगे, लेकिन सच यही है. मुगल वंश का वो क्रूर शासक जिसने अपने जीते जी लाखों करोड़ों परिवारों को नफरत की आग मे जलाया. उसकी मौत के बाद उसके नाम पर ये नफरत का खेल हो रहा है.

कुछ दिन पहले सपा विधायक अबू आजमी ने औरंगजेब को अच्छा शासक बताया था. हमें गलत इतिहास दिखाया जा रहा है. औरंगजेब ने कई मंदिर बनवाए हैं. मैं उसे क्रूर शासक नहीं मानता. अगर कोई कहता है कि यह लड़ाई हिंदू-मुसलमान को लेकर थी, तो मैं इस पर विश्वास नहीं करता. जिसके पलटवार में योगी आदित्यनाथ उसे क्रूर बताते हुए अबू आजमी का इलाज करने की बात कहते हैं.

योगी कहते हैं कि भारत की आस्था को रौंदने वाले का महिमामंडन करने वाले को सपा से बाहर निकाल देना चाहिए. उसे यहां बुलाइए. यूपी ऐसे लोगों का उपचार करने में देर नहीं करता और धीरे-धीरे लगभग सभी नेता औरंगजेब पर बयानबाजी करने लग जाते हैं. इतने में कुछ लोगों ने औरंगजेब की कब्र को महाराष्ट्र से खत्म करने की मांग उठा दी. तेलांगना से बीजेपी विधायक टी राजा केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखते हैं और औरंगजेब की कब्र के रखरखाव पर हो रह खर्चे का हिसाब मांगते हैं.

टी राजा कहते हैं हमारी संस्कृति का दमन करने वाले की कब्र पर करदाताओं का एक भी रुपया खर्च नहीं किया जाना चाहिए. इस सबके बाद सोमवार को विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के लोग विरोध प्रदर्शन करते हैं. इस दौरान वो औरंगजेब के पोस्टर को पीट कर अपना गुस्सा दिखाते हैं. इसी बीच खबर दूसरे समुदाय के लोगों में पहुंच जाता है और हंगामा शुरू हो जाता है.

कुछ लोगों में ये खबर भी फैल जाती है कि धार्मिक पुस्तक को जलाया गया है. इस पूरे विवाद के बीच एक पक्ष के लोग पत्थरबाजी शुरू कर देते हैं और रात में 8 बजे के बाद बवाल शुरू हो जाता है. इस बवाल में कई पुलिसकर्मी भी घायल हो जाते हैं. DCP निकेतन कदम पर कुल्हाड़ी से हमला किया जाता है, जिसमें वो घायल हो जाते हैं. स्थिति नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए और 55 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है. पुलिस कमिश्नर रविंद्र सिंघल ने बताया कि शहर में धारा 163 लागू कर दी गई है. वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शांति व्यवस्था बहाल करने के लिए पुलिस की 20 टीमें बनाई गई हैं.