नई दिल्ली: श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह ‘हिंद दी चादर’ में शामिल होने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को आतंक के आकाओं को खुली चुनौती दे दी. कुरुक्षेत्र की इसी पवित्र भूमि से जहां महाभारत में श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश दिया था, वहीं मोदी ने कहा, ''भारत शांतिप्रिय है, अहिंसा में विश्वास रखता है, लेकिन अपनी रक्षा करना भी बखूबी जानता है. अब नया भारत घर में घुसकर जवाब देता है.''
पीएम ने हालिया ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए बिना नाम लिए पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया, ''22 अप्रैल को पहलगाम में 26 मासूमों की हत्या हुई थी. 7 मई को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया और दुश्मन के ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया. यह नया भारत है – न झुकता है, न रुकता है, न डरता है.'' सात महीने में दूसरी बार 25 नवंबर को हरियाणा आए प्रधानमंत्री ने सबसे पहले श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को मत्था टेका, गुरु तेग बहादुर जी की प्रदर्शनी देखी और उनके सम्मान में विशेष स्मारक सिक्का व डाक टिकट जारी किया.
गुरु गोबिंद सिंह जी के चार साहिबजादों की शहादत को याद करते हुए मोदी ने कहा, ''मुगल क्रूरता की सारी हदें पार कर गए थे, लेकिन छोटे साहिबजादे जिंदा दीवार में चिनवाना स्वीकार कर लिया, धर्म नहीं छोड़ा. इसी बलिदान की याद में हम हर साल 26 दिसंबर को ‘वीर बाल दिवस’ मनाते हैं.'' पीएम ने सिख गुरुओं के प्रति सरकार की श्रद्धा भी दोहराई.
उन्होंने कहा, ''करतारपुर साहिब कॉरिडोर हो या हेमकुंड साहिब के लिए रोप-वे, हर तीर्थ को आधुनिक भारत से जोड़ने का काम हमने पूरी निष्ठा से किया है.'' हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी समेत पूरा मंत्रिमंडल और हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे. कुरुक्षेत्र की इस धरती से दिया गया प्रधानमंत्री का संदेश सिर्फ देश तक नहीं, सरहद पार भी गूंज रहा है – नया भारत अब हमलावरों को उनके घर में घुसकर सबक सिखाने से नहीं हिचकता.