मुम्बई : महाराष्ट्र के ठाणे स्थित मीरा रोड में जमीन विवाद को लेकर 81 वर्षीय असगर अली वोहरा को बड़ी राहत मिलने की बात सामने आई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के महज आठ दिन बाद भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता ने वोहरा से जुड़े विवादित जमीन मामले में कब्जा छोड़ने और कंस्ट्रक्शन परमिट सरेंडर करने की बात कही है. इस घटनाक्रम के बाद लंबे समय से चल रहे जमीन विवाद ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं.
जानकारी के मुताबिक, असगर अली वोहरा ने 8 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी. इस दौरान उन्होंने अपनी जमीन से जुड़े विवाद में प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप करने की अपील की थी. वोहरा ने पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग भी रखी थी. प्रधानमंत्री से उनकी मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया.
वोहरा का दावा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उन्होंने गुजरात के वडनगर स्थित बीएन स्कूल में एक ही कक्षा में पढ़ाई की थी. इसी पुराने परिचय के आधार पर उन्होंने प्रधानमंत्री से मुलाकात कर अपनी समस्या उनके सामने रखी. वोहरा का आरोप है कि जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है और वह इस मामले में न्याय की मांग कर रहे हैं.
अब प्रधानमंत्री से मुलाकात के आठ दिन बाद भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता की ओर से विवादित जमीन का कब्जा छोड़ने और कंस्ट्रक्शन परमिट सरेंडर करने की बात सामने आई है, इससे वोहरा को मामले में राहत की उम्मीद जगी है.
हालांकि, जमीन विवाद से जुड़े सभी आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि तथा मामले की कानूनी स्थिति अलग-अलग स्तर पर स्पष्ट होना बाकी है. फिलहाल पीएम मोदी से मुलाकात के बाद घटनाक्रम में आए इस बदलाव को मामले का अहम मोड़ माना जा रहा है.