नई दिल्ली: उधर महाकुंभ से भगदड़ की तस्वीरें सामने आ रही थी इधर पीएमओ से लेकर गृहमंत्रालय तक फोन की घंटियां बज रही थी. हादसे की जानकारी मिलते ही पीएम मोदी ने तुरंत सीएम योगी को कॉल किया और अपडेट लिया, उसके कुछ देर बाद फिर से कॉल की. थोड़ी-थोड़ी देर पर मोदी ने कुल 4 बार पीएम मोदी को फोन किया और उसके बाद जो जानकारी सामने आई वो चौंका देने वाली है.
पीएम मोदी और योगी की क्या बातचीत हुई इसे लेकर पीएम मोदी ने पहले ट्वीट कर जानकारी दी. फिर योगी आदित्यनाथ ने मीडिया के सामने आकर बड़ी जानकारी दी है. सीएम योगी ने लखनऊ में इसे लेकर इमरजेंसी मीटिंग भी बुलाई है, जिसमें राज्य के सभी बड़े अधिकारियों से योगी ने अपडेट लिया और हालात कंट्रोल करने के आदेश दिए. साथ ही घटना की वजह भी पता की जा रही है, लेकिन इसी बीच विपक्ष ने इसे लेकर सियासत शुरू कर दी है.
अखिलेश यादव से लेकर तमाम संतों ने महाकुंभ को सेना के हवाले करने की मांग उठाई है, तो वहीं आसमान से कमांडोज निगरानी में लगे हैं. महाराष्ट्र के नेता संजय राऊत नेहरू के जमाने के महाकुंभ का उदाहऱण देते हुए मोदी-योगी पर निशाना साध रहे हैं. राउत ने कहा कि 1954 में पंडित नेहरू ने खुद कुंभ मेले की व्यवस्थाओं की जांच की थी, लेकिन आज के प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री उस तरह सक्रिय नहीं दिख रहे. सरकार को प्रचार की बजाय प्रबंधन पर ध्यान देना चाहिए था. हालांकि आप ये जानकर चौंक जाएंगे कि नेहरू युग में इतिहास का सबसे भीषण महाकुंभ हादसा हुआ था.
बावजूद इसके सियासत शुरू हो गई है, हालांकि मेला क्षेत्र के एसएसएपी राजेश द्विवेदी का दावा है कि न तो भगदड़ मची और ना ही किसी की मौत हुई है. हालांकि इसी बीच एक वीडियो सामने आया है, जिसे एबीपी भगदड़ से पहले का बता रहा है, जिसमें वहां के कमिश्नर लोगों से अपील करते नजर आ रहे हैं. भगदड़ जैसी स्थिति बन सकती है, ऐसा कहते सुनाई दे रहे हैं.