कर्नाटका में सीबीआई जांच के लिए सहमति वापस लेने के निर्णय ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है. भाजपा ने इस मुद्दे पर कांग्रेस पर तीखा हमला किया है. भाजपा का कहना है कि कांग्रेस अब भ्रष्टाचार का व्यवसाय बन गई है और कर्नाटका के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया एक भ्रष्ट व्यक्ति हैं, जो अपने आपको बचाने की कोशिश कर रहे हैं. उल्लेखनीय है कि कर्नाटका कांग्रेस सरकार ने गुरुवार को सीबीआई को राज्य में जांच करने की अनुमति वापस ले ली.
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया पर कहा, "यह अब स्पष्ट हो चुका है कि कांग्रेस एक भ्रष्ट संस्थान में बदल चुकी है. मुख्यमंत्री पर आरोप हैं और मुडा घोटाले पर हाई कोर्ट का आदेश भी है. विशेष अदालत के निर्देश के बावजूद, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया गर्व से खड़े हैं और इस्तीफा देने को तैयार नहीं हैं. राज्य की सहमति, जो किसी भी मामले की जांच के लिए आवश्यक है, अब वापस ले ली गई है. यह उनके आत्म-रक्षा के प्रयास को दर्शाता है."
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा, "कर्नाटका के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने यह स्वीकार किया है कि मुवा घोटाले में भ्रष्टाचार हुआ है. उन्होंने खुद को दोषी मान लिया है. इसलिए उन्होंने सीबीआई को दी गई सामान्य सहमति को रद्द कर दिया. कर्नाटका हाई कोर्ट ने माना है कि मुख्यमंत्री ने अपने परिवार को 55 करोड़ रुपये के अनुचित लाभ प्रदान किए. मुख्यमंत्री अपने भ्रष्टाचार को बचाने के लिए स्वतंत्र एजेंसी से जांच नहीं करवाना चाहते हैं."
शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने इस संदर्भ में कहा, "जिस पार्टी ने पूरे देश में भ्रष्टाचार को आश्रय दिया है, वह कर्नाटका के मुख्यमंत्री के खिलाफ कार्रवाई करना चाहती है क्योंकि वहां कांग्रेस की सरकार है." उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार झारखंड और दिल्ली के मुख्यमंत्रियों को जेल में डाल रही है, जबकि खुद पर लग रहे आरोपों से अनजान है.