भाजपा नेता पूनम महाजन ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान बड़ा खुलासा करते हुए दावा किया है कि उनके पिता प्रमोद महाजन की हत्या के पीछे एक गहरी साजिश थी, जिसे किसी न किसी दिन उजागर किया जाएगा. पूनम ने कहा कि यह हत्या पारिवारिक विवाद, पैसे या ईर्ष्या के कारण नहीं थी, जैसा कि बाद में कई तरह की थ्योरियां फैलाई गईं.
पूनम महाजन ने कहा, "हत्या के बाद भाइयों के बीच दुश्मनी जैसी जो थ्योरी सामने आईं, वे सच नहीं थीं. यह पूरी तरह से झूठी अफवाहें थीं, जो सच्चाई को छुपाने के लिए फैलाई गईं. इस हत्या के पीछे एक बड़ी साजिश थी, और किसी दिन सच्चाई सामने आएगी."
साजिश से जुड़े तथ्यों के लिए अमित शाह को पत्र लिखेंगी पूनम महाजन
पूनम महाजन ने यह भी बताया कि वह गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर मामले की गहन जांच की मांग करेंगी. उन्होंने कहा, "मैं गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर इस मामले की गहन जांच की मांग करूंगी ताकि सच्चाई सबके सामने आ सके."
भा.ज.पा. और विपक्ष में हलचल
पूनम के इस खुलासे से भाजपा के भीतर और बाहर हलचल मच गई है. भाजपा के वरिष्ठ नेता सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि यदि पूनम महाजन के पास इस साजिश से जुड़े कोई सबूत या दस्तावेज हैं तो उन्हें सरकार के पास सौंपने चाहिए ताकि जांच आगे बढ़ सके.
एनसीपी नेता एकनाथ खडसे ने भी पूनम के बयान पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, "प्रमोद महाजन हमारे नेता थे, और उनकी हत्या के बाद एक बड़ा खालीपन पैदा हुआ था. पूनम ने जो कुछ कहा है, वह वाकई चौंकाने वाला है. इस मामले की पूरी तरह से जांच होनी चाहिए."
नहीं मिला था पारिवारिक विवाद का कोई सुराग
आपको बता दें कि प्रमोद महाजन की हत्या के बाद शुरुआती जांच में यह कहा गया था कि यह किसी पारिवारिक विवाद का नतीजा हो सकता है. हालांकि, जांच के दौरान ऐसा कुछ भी प्रमाणित नहीं हुआ था. प्रमोद महाजन को 2006 में उनके घर में गोली मारी गई थी, और इस घटना के बाद कई तरह की थ्योरियां सामने आई थीं, जिनका अब पूनम महाजन ने खंडन किया है.
पूनम महाजन के इस बयान से न केवल भाजपा, बल्कि पूरे राज्य की राजनीति में एक नई बहस छिड़ गई है, और अब इस मामले की गहन जांच की मांग जोर पकड़ रही है.