नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर अपने संबोधन में कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत की त्वरित कार्रवाई, ऑपरेशन सिंदूर, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक ऐतिहासिक मिसाल के रूप में याद किया जाएगा. गुरुवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में राष्ट्रपति मुर्मू ने अप्रैल में पहलगाम में निर्दोष नागरिकों पर हुए आतंकी हमले को कायरतापूर्ण और पूरी तरह अमानवीय बताया.
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से भारत ने निर्णायक तरीके से और दृढ़ संकल्प के साथ जवाब दिया. राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने दिखाया कि हमारी सशस्त्र सेनाएं राष्ट्र की रक्षा के लिए किसी भी परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं. उन्होंने आगे कहा कि यह ऑपरेशन मानवता के आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक उदाहरण के रूप में इतिहास में दर्ज होगा.
उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने एकजुटता के साथ जवाब दिया, जो उन लोगों के लिए सबसे उपयुक्त जवाब था जो हमें बांटना चाहते थे. राष्ट्रपति मुर्मू ने यह भी उल्लेख किया कि दुनिया ने भारत के रुख को नोट किया है कि हम आक्रामक नहीं होंगे, लेकिन अपने नागरिकों की रक्षा में जवाबी कार्रवाई करने में भी संकोच नहीं करेंगे. राष्ट्रपति ने ऑपरेशन को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत मिशन का एक परीक्षण बताया और कहा कि इसके परिणाम ने साबित कर दिया कि हम सही रास्ते पर है.