राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए 1975 में देश में लगे आपातकाल का जिक्र किया, जिसके बाद हंगामा मच गया है. राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में कहा कि इमरजेंसी देश की संविधान पर सबसे बड़ा हमला था और इसके चलते ही पूरे देश में हाहाकार मच गया था. उन्होंने कहा कि हम सभी संकल्प लेते हैं कि किसी भी हालत में संविधान की रक्षा करेंगे, जिसपर विपक्ष ने आपत्ति जताते हुए हंगामा खड़ा कर दिया.
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में पेपर लीक, सेना के आधुनिकीकरण, सीएए, किसान सम्मान निधि, मणिपुर हिंसा पर भी अपनी बात रखी. वहीं अर्थव्यवस्था को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार आने वाले दिनों में अर्थव्यवस्था के तीनों स्तंभों पर बराबर ध्यान देगी, जिससे अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में और मदद मिल सके.
राष्ट्रपति ने संबोधन में और क्या-क्या कहा?
राष्ट्रपति ने आपातकाल का जिक्र करते हुए कहा कि 1975 में देश में हाहाकार मच गया था, जब इमरजेंसी लगाई गई थी. आपातकाल संविधान पर सीधे हमले का सबसे बड़ा और काला अध्याय था, लेकिन देश ऐसी असंवैधानिक शक्तियों को पराजित करने में सफल रहा.
राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने के हर प्रयास की सभी को निंदा करनी चाहिए. विभाजनकारी ताकतें लोकतंत्र को कमजोर करने, देश के भीतर और बाहर से समाज में खाई पैदा करने की साजिश रच रही हैं.
पेपर लीक और कानून का किया जिक्र
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए सरकार का निरंतर प्रयास है कि देश के युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का पर्याप्त अवसर मिले. मेरी सरकार पेपर लीक की हालिया घटनाओं की निष्पक्ष जांच के लिए प्रतिबद्ध है. दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी. इससे पहले भी हमने विभिन्न राज्यों में पेपर लीक होते देखा है. इसके लिए दलगत राजनीति से ऊपर उठकर संसद द्वारा एक सख्त कानून बनाने की जरूरत है.
सेनाओं में आधुनिकता जरूरी
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि एक सशक्त भारत के लिए हमारी सेनाओं में आधुनिकता जरूरी है. इसी सोच के साथ मेरी सरकार ने पिछले 10 वर्षों में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. पिछले एक दशक में हमारा रक्षा निर्यात 18 गुना बढ़कर 21,000 करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है.
CAA कानून को लेकर ये कहा...
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि मेरी सरकार ने CAA कानून के तहत शरणार्थियों को नागरिकता देना शुरू कर दिया है. इससे बंटवारे से पीड़ित अनेक परिवारों के लिए सम्मान का जीवन जीना तय हुआ है. जिन परिवारों को CAA के तहत नागरिकता मिली है मैं उनके बेहतर भविष्य की कामना करती हूं.
पीएम किसान सम्मान निधि का भी जिक्र
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि के तहत देश के किसानों को 3 लाख 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि प्रदान की है. सरकार के नए कार्यकाल की शुरुआत से अब तक 20,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि किसानों को हस्तांतरित की जा चुकी है. साथ ही सरकार ने खरीफ फसलों के लिए MSP में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी की है.
वहीं नॉर्थ ईस्ट के जिक्र पर विपक्षी सांसदों ने हंगामा मचाया. सांसदों ने इस दौरान नारे लगाए. विपक्षी सांसद चाह रहे थे कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मणिपुर का भी जिक्र करे, लेकिन ऐसा नहीं होता देख वे लोग हांगामा करने लगे.
और क्या-क्या कहा...