नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को सरकार पर तीखा हमला बोला और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकसभा कार्यवाही में अनुपस्थिति पर सवाल उठाया. उन्होंने पूछा कि क्या सरकार विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों से बच रही है. राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा द्वारा राहुल गांधी को अबोध (Naive) कहे जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता को खुलकर बोलने दिया जाना चाहिए.
#WATCH | Delhi | On Union Minister JP Nadda using the term 'abodh' in reference to LoP, Lok Sabha, Rahul Gandhi, Congress MP Priyanka Gandhi Vadra says, "He should be allowed to speak. Is this a way to talk about anyone? What are they scared of? That he will quote from a book? Or… pic.twitter.com/HZkXtiLxcP
— ANI (@ANI) February 5, 2026
उन्होंने कहा कि किसी के बारे में इस तरह बात करने का तरीका है क्या? उन्हें बोलने दिया जाना चाहिए. वे किससे डर रहे हैं. क्या कि वह कोई किताब से उद्धरण देंगे? या एपस्टीन फाइल्स से डर रहे हैं? या हम उनसे भारत-अमेरिका डील के बारे में सवाल करेंगे, जिससे किसानों को नुकसान होगा? वायनाड सांसद प्रियंका गांधी का इशारा उन रिपोर्ट्स की ओर था जो एपस्टीन फाइल्स में प्रधानमंत्री मोदी और उनकी इजरायल की आधिकारिक यात्रा का जिक्र करती हैं. सरकार ने इन दावों को निराधार और निंदनीय बताते हुए खारिज कर दिया है.
यह भी पढ़ें: फिर चर्चा में अल फलाह यूनिवर्सिटी, चेयरमैन को किया गया गिरफ्तार
इससे पहले दिन में, संसद में विरोध-प्रदर्शन के बीच कार्यवाही शुरू हुई. राज्यसभा में तीखी नोकझोंक देखी गई, जिसमें बार-बार व्यवधान हुए और बुधवार को लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्धारित संबोधन रद्द होने का विवाद रहा. नड्डा ने अपने बयान में विपक्ष पर सदन की कार्यवाही जानबूझकर रोकने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि आपने सदन को काम नहीं करने दिया. मैं इस आरोप की कड़ी निंदा करता हूं कि लोकतंत्र खतरे में है. आपको पार्टी के अंदर भी इसे समझना चाहिए. लोकतंत्र में चीजें लोकतांत्रिक तरीके से होनी चाहिए. पार्टी को एक अबोध बच्चे का गुलाम न बनने दें.
यह भी पढ़ें: पत्नी बिना किसी सही वजह के पति का घर छोड़ती है, तो नहीं मिलेगा मेंटेनेंस, हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने जवाब में सरकार पर बहस दबाने और विपक्षी नेताओं को लोकसभा में बोलने से रोकने का आरोप लगाया.
उन्होंने जोर देकर कहा कि संसद में दोनों सदन शामिल हैं, और राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर खुलकर चर्चा क्यों नहीं हो सकती. उन्होंने पूछा, "आप सदन को इस तरह कैसे चला सकते हैं?"
यह भी पढ़ें: UP में अब चाइनीज मंझे से होने वाली मौत को माना जाएगा हत्या, शोएब की मौत के बाद योगी सरकार का फैसला
तनाव बढ़ने पर कांग्रेस सदस्यों ने राज्यसभा से वॉकआउट किया. आज का राज्यसभा गतिरोध लोकसभा में जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच हुआ, जहां कांग्रेस का दावा है कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की बहस के दौरान राहुल गांधी को अपना भाषण पूरा करने नहीं दिया गया. सोमवार को उन्हें पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरावणे की अप्रकाशित संस्मरणों के हिस्सों का हवाला देते हुए रोका गया था, जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे उठाए थे.