बंगाल में रेलवे ट्रैक पर हॉकरों का प्रदर्शन, बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ रोकी ट्रेनें

Amanat Ansari 02 Jun 2026 02:52: PM 1 Mins
बंगाल में रेलवे ट्रैक पर हॉकरों का प्रदर्शन, बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ रोकी ट्रेनें

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में गोबरडांगा रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को हाई ड्रामा देखने को मिला. रेलवे की अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के खिलाफ व्यापारी और हॉकरों ने रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया. वीडियो फुटेज में देखा गया कि पुरुष और महिलाएं ट्रैक पर बैठ गए और "चलবে ना, चलবে ना" के नारे लगा रहे थे. एक बुजुर्ग महिला ने तो ट्रैक पर लेटकर विरोध जताया.

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका पूरा गुजारा स्टेशन पर लगे स्टॉल और दुकानों से ही चलता है. उन्होंने रेलवे अधिकारियों पर आरोप लगाया कि वे उनकी आजीविका छीन रहे हैं. एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "वे हमें पेट में लात मार रहे हैं." उन्होंने दावा किया कि इस कार्रवाई से कई परिवार बेरोजगार हो जाएंगे.

कार्रवाई का बड़ा अभियान

यह प्रदर्शन पिछले महीने शुरू किए गए बड़े पैमाने के रेलवे भूमि सफाई अभियान के बीच हुआ है. रेलवे ने प्रमुख स्टेशनों के आसपास अस्थायी दुकानों, स्टॉलों और अन्य संरचनाओं को तोड़ना शुरू कर दिया है. अधिकारियों का कहना है कि यह सार्वजनिक जगहों को मुक्त करने और यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए किया जा रहा है.

31 मई को रेलवे, कोलकाता पुलिस और अर्धसैनिक बलों की संयुक्त टीम ने डम डम जंक्शन पर रातभर चले ऑपरेशन में अतिक्रमण हटाए. इससे पहले हावड़ा स्टेशन के आसपास 250 से ज्यादा हॉकरों के स्टॉल हटाए गए. बुलडोजर और जेसीबी से फुटपाथ और पब्लिक जगहों पर बने अस्थायी ढांचों को ध्वस्त किया गया.

हॉकरों की क्या है मांग

प्रभावित हॉकरों का आरोप है कि उन्हें तोड़फोड़ से पहले पर्याप्त नोटिस नहीं दिया गया. कई ने कहा कि इस कार्रवाई से उनकी रोजी-रोटी बुरी तरह प्रभावित हुई है. उन्होंने मांग की है कि बेदखली से पहले उन्हें पुनर्वास या वैकल्पिक जगह दी जाए. एक स्टॉल मालिक ने मीडिया को बताया, "अगर पुनर्वास नहीं दिया गया तो हमें आत्महत्या करनी पड़ेगी."

TMC का हमला

इस अभियान का दायरा कोलकाता के न्यू मार्केट जैसे व्यस्त इलाकों तक भी पहुंच गया है. अब सत्ता से बाहर तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भाजपा सरकार पर "बुलडोजर संस्कृति" थोपने का आरोप लगाया है. TMC सुप्रीमो ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा कि आम लोग और छोटे व्यापारी डर के साए में जी रहे हैं. उन्होंने कहा कि हॉकरों को बिना किसी पुनर्वास योजना के बेदखल किया जा रहा है.

Bengal hawkers Gobardanga Railway Station North 24 Parganas railway eviction drive

Recent News