National Herald case: गांधी परिवार का झूठ 5 हज़ार पन्नों में लिखा है? राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने 50 लाख रूपए में 142 करोड़ कैसे बनाए? ED ने जब कोर्ट में सबूत पेश किया तो पैरवी करने आए वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी की सिट्टी-पिट्टी गुल क्यों हो जाती है? चौकीदार चोर है का नारा देने वाले राहुल गांधी हेराफेरी में इतनी बुरी तरह से फंस गए हैं कि उन्हें कभी भी जेल हो सकती है! ED ने कोर्ट को बताया कि लंबे वक्त तक मनी लॉंड्रिंग के ज़रिए गांधी परिवार नेशनल हेराल्ड की आज़ में भ्रष्टाचार करता रहा! हैरानी की बात ये है कि ED की चार्जशीट में सोनिया गांधी और राहुल गांधी को आरोपी बनाया गया है!
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह राशि यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के जरिए नेशनल हेराल्ड अखबार चलाने वाली कंपनी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) से प्राप्त किराये की आय से जुड़ी है। ईडी के विशेष वकील जोहेब हुसैन ने कोर्ट में दावा किया कि यंग इंडियन के 76% मालिक सोनिया और राहुल गाँधी ने केवल 50 लाख रुपए का भुगतान करके 90.25 करोड़ रुपए की संपत्ति हासिल की।
21 मई को दिल्ली की राऊज एवेन्यु कोर्ट में नेशनल हेराल्ड मामले की सुनवाई हुई, जिसमें ईडी की ओर से पेश वकील जोहेब हुसैन ने ऐसी दलील पेश की कि सोनिया-राहुल की ओर से पैरवी कर रहे अभिषेक मनु सिंघवी का भी दिमाग हिल गया और उसके बाद सिंघवी ने जो दलील दी उसे सुनकर आप भी हैरान होंगे. ईडी का पक्ष रख रहे वकील जोहैब हुसैन ने कहा
“सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा और सुमन दुबे ने 142 करोड़ रुपये का फायदा अपराध की आय से उठाया है. यहां अपराध की आय का मतलब नेशनल हेराल्ड अखबार चलाने वाली कंपनी AJL की संपत्तियों से है. AJL की 76 फीसदी संपत्ति की मालकिन सोनिया गांधी हैं. आरोप है कि सोनिया ने राहुल गांधी के साथ मिलकर ये पूरी साजिश रची, जिसके तहत सिर्फ 50 लाख रुपये में 90 करोड़ 25 की संपत्ति बना ली, और इससे तब तक कमाई करते रहे जब ईडी ने 2023 के नवंबर में नेशनल हेराल्ड से जुड़ी हुई 751 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति को जब्त नहीं कर लिया”
यानि सोनिया-राहुल ने पहली गलती गलत तरीके से पैसे कमाने वाली की, उसके बाद उस पैसे से और पैसा बनाने की गलती की है, जिसे लेकर कोर्ट में 2 जुलाई से 8 जुलाई तक रोजाना सुनवाई होगी. क्योंकि राहुल-सोनिया की ओर से पेश हुए वकील अभिषेक मनु सिंघवी और आरएस चीमा ने कहा
“जज साहब, हाल ही हमें करीब 5 हजार पन्नों के दस्तावेज मिले हैं. लेकिन मई का महीना कोर्ट और वकील दोनों के लिए ज्यादा व्यस्तता वाला रहता है. इसलिए इन्हें पढ़ने के लिए ज्यादा वक्त चाहिए, सुनवाई की तारीख जून या जुलाई में तय की जाए”.
जिसे मानते हुए राऊज एवेन्यु कोर्ट ने 2 जुलाई से सुनवाई की तारीख मुकर्रर कर दी, लेकिन साथ में ये भी कहा कि ये मामले MP/MLA कोर्ट के दायरे में आता है, इसलिए इसकी रोजाना सुनवाई होगी. खास बात ये है कि अदालत ने सुब्रमण्यम स्वामी की वो याचिका भी मंजूर कर ली, जिसमें कहा गया था कि ईडी की चार्जशीट और बाकी दस्तावेजों की कॉपी हमें दी जाए. दरअसल साल 2012 में सुब्रमण्यम स्वामी ने ही इस मामले को पहली बार उठाया था. लेकिन तब कांग्रेस सत्ता में हुआ करती थी, साल 2014 में सरकार बदली, धीरे-धीरे जांच आगे बढ़नी शुरू हुई, करोड़ों की संपत्ति जब्त हुई और अब सोनिया-राहुल के ऊपर जेल जाने का खतरा मंडरा रहा है.