लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों पर हो रहे चुनाव के बीच छोटे दलों के नेताओं ने अपनी राजनीतिक पोजीशन साफ कर दी है. जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के प्रमुख राजा भैया ने एनडीए (भाजपा गठबंधन) को समर्थन देने का ऐलान किया है, वहीं अपनी नई पार्टी चलाने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य ने इंडिया ब्लॉक (सपा-कांग्रेस गठबंधन) के उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करने की अपील की है.
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने हाल ही में लखनऊ में राजा भैया के आवास पर उनसे मुलाकात की थी. इस मुलाकात के बाद राजा भैया के करीबी एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह उर्फ गोपाल जी ने साफ किया कि राजा भैया ने इन 11 एमएलसी सीटों पर एनडीए के सभी उम्मीदवारों को समर्थन देने का फैसला किया है. उनका झुकाव स्पष्ट रूप से एनडीए खेमे की ओर दिख रहा है.
स्वामी प्रसाद मौर्य का रुख बदला
स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे इंडिया ब्लॉक के प्रत्याशियों को वोट दें. दिल्ली में राहुल गांधी से उनकी मुलाकात के बाद यह माना जा रहा है कि वे विपक्षी खेमे की तरफ बढ़ रहे हैं. हालांकि, वे कांग्रेस में शामिल होंगे या अपनी पार्टी की अलग पहचान बनाए रखेंगे, यह अभी साफ नहीं है.
पल्लवी पटेल और अखिलेश के रिश्तों में सुधार
अपना दल (सोनेलाल) की पल्लवी पटेल ने हाल ही में अखिलेश यादव को अपना बड़ा भाई बताया है. दोनों के बीच पिछले कुछ सालों का राजनीतिक तनाव कम होता नजर आ रहा है. पल्लवी पटेल 2027 के चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी के करीब आने और सीटों पर सहमति बनाने की कोशिश कर रही हैं.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये 11 सीटों के चुनाव सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल साबित हो सकते हैं. इन परिणामों से यह तय होगा कि फाइनल मुकाबले से पहले कौन सी पार्टी मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल करती है.