Raja Raghuvanshi Murder Case: पुलिस की जांच में ये बात सामने आई है कि राजा रघुवंशी की हत्या की घटना को अंजाम देने के बाद सोनम और उसका प्रेमी राज कुशवाहा नेपाल भागने की फिराक में थे. लेकिन मेघालय पुलिस और मध्य प्रदेश पुलिस की दबिश के दौरान वो पुलिस के हत्थे चढ़ गया. इधर गाजीपुर और गोरखपुर के रास्ते सोनम नेपाल भागने के लिए निकल चुकी थी. लेकिन राज कुशवाहा के पकड़े जाने के बाद वो टूट गई, उसे लगा कि वो भी अब बच नहीं सकती है, ऐसे में उसने ड्रग्स दिए जाने की झूठी कहानी बनाई और गाजीपुर में ही पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया. यही नहीं, इसमें एक और चौंकाने वाली बात पता चली है कि सोनम शिलांग से सीधे यूपी के गाजीपुर नहीं आई थी, बल्कि वो 23 मई को गुवाहटी से इंदौर के लिए निकली थी और 25 मई को इंदौर पहुंची.
यहां वो अपने ससुराल या मायके नहीं गई, बल्कि अपने प्रेमी राज कुशवाहा से मिली. राज ने उसे इंदौर में ही एक किराए के मकान में ठहराया और फिर अगले दिन कार से यूपी के लिए रवाना कर दिया. जहां वो अलग-अलग लोकेशन पर रही. लेकिन पुलिस से चौतरफा घिरने के बाद आखिरकर उसे सरेंडर करना ही पड़ा. सोनम ने भी पुलिस के पास जाने का फैसला किया. वो वाराणसी से गाजीपुर पहुंची और खुद को ड्रग्स दिए जाने और दूसरी बातों का झूठा जाल बुना…चेहरा ऐसा बनाया जैसे उसके साथ ही ग़लत हुआ है! प्रेमी के पकड़े जाते ही प्रेमिका दिल टूट जाता हैं और वो सरेंडर कर देती है!
पुलिस के मुताबिक, राजा रघुवंशी की शादी के तुरंत बाद ही उसे मौत के घाट उतारने का प्लान तैयार हो चुका था. ये प्लान किसी और ने नहीं, बल्कि उसकी नई नवेली पत्नी सोनम ने ही राज कुशवाहा के साथ मिलकर बनाया था. साजिश के तहत यह कपल शिलॉन्ग पहुंचा था. 21 मई को शिलॉन्ग पहुंचने के बाद इस कपल ने 22 मई को चेरापूंजी में जाकर एक होमस्टे लिया. अन्य आरोपियों ने भी वहां नजदीक में ही होमस्टे लिया. लेकिन, इस बात की बिल्कुल भी भनक राजा रघुवंशी को नहीं थी. 23 को काम पूरा होते ही, आरोपी भी निकले और सोनम अपने प्रेमी से मिलने इंदौर के लिए नकली!
पुलिस के लिए ये केस मुश्किलों से भरा था, इंदौर पुलिस, असम और मेघालय की पुलिस के बीच का ऑपरेश था, इसलिए इस ऑपरेशन के लिए नाम चुना गया ऑपरेशन हनीमून! गुवाहाटी पुलिस का दावा है कि
गुवाहाटी पुलिस स्टेशन के पास से इस हत्याकांड में शामिल हथियार भी बरामद हुआ है. सोनम और राज के कॉल डिटेल रिकॉर्ड पर लगातार बातचीत का पता चला, जो जांच में अहम सुराग साबित हो रहो हैं. इन निष्कर्षों के आधार पर, इंदौर और शिलांग की पुलिस टीमों के साथ एक संयुक्त अभियान में राज को हिरासत में लिया गया.
सोनम की इस कहानी में एक बात क्लियर हो जाती है, सोनम को दया नहीं थी, वो जो कर रही थी, उसका अंदाजा उसको पहले से था. गलती तब होती है जब इंसान को पता ना हो लेकिन सोनम और प्रेमी राजा कुशवाहा ने बकायदे कई दिनों से प्लान बनाया, सिंदूर डालने के दौरान के वीडियो में राजा रघुवंशी मुस्कुराता है लेकिन मन में काल बनाकर बैठी सोनम एकदम परेशान दिखती है! लेकिन अब सच दूध की तरह बाहर है!