नई दिल्ली: मणिपुर में 69वीं राष्ट्रीय स्कूल खेल प्रतियोगिता (नेशनल स्कूल गेम्स) के दौरान राजस्थान की एक खेल टीम (मुख्य रूप से वुशू टीम) के साथ एक विवादास्पद घटना जुड़ी हुई है. टीम इंफाल में प्रतियोगिता में हिस्सा लेने गई थी, जहां उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया. बालिका वर्ग में चैंपियनशिप ट्रॉफी जीती, बालक टीम दूसरे स्थान पर रही और कुल मिलाकर राज्य टीम भी दूसरे नंबर पर आई.
इसी बीच टीम के कुछ सदस्यों और परिजनों ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर दावा किया कि 13 जनवरी की रात करीब 12:30 बजे दीमापुर से इंफाल जाते समय सड़क मार्ग पर हथियारबंद लोगों ने उनकी गाड़ी रोकी. आरोप है कि उन्हें लगभग 2 घंटे तक रोककर रखा गया, बंदूक दिखाई गई और नकदी छीन ली गई. कोई शारीरिक चोट नहीं पहुंची, लेकिन बंधक बनाए रखा.
सरकार और अन्य पक्ष की प्रतिक्रिया
वीडियो वायरल होने के बाद मणिपुर सरकार ने तुरंत संज्ञान लिया और इंफाल पुलिस अधीक्षक को जांच के निर्देश दिए. सेनापति और कांगपोक्पी जिलों के अधिकारियों को भी सहयोग करने को कहा गया. वीडियो की सत्यता जांचकर उचित कानूनी कार्रवाई का आदेश है. टीम के कोच ने स्पष्ट किया कि सभी खिलाड़ी सुरक्षित हैं, किसी को चोट नहीं आई और कुछ खिलाड़ी पहले ही घर लौट चुके हैं. एक वीडियो में बोलने वाली खिलाड़ी फ्लाइट से आई थी और घटना के समय टीम के साथ नहीं थी.
कुकी संगठन ने आरोपों को किया खारिज
कुकी संगठनों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उन्होंने कहा कि ऐसी कोई घटना पुलिस या सुरक्षा एजेंसियों को रिपोर्ट नहीं हुई. आरोपों को बेबुनियाद और सनसनीखेज बताया गया. एक परिजन ने बाद में बयान बदला और कहा कि गलत संप्रेषण हुआ. ड्राइवर को कुछ देर के लिए अलग रखा गया था, लेकिन कोई लूट या एक्सटॉर्शन नहीं हुआ.
यह घटना मणिपुर की मौजूदा सुरक्षा स्थिति और सड़क मार्गों पर यात्रा की चुनौतियों को फिर उजागर करती है, खासकर प्रतियोगिताओं में आने वाले बाहर के प्रतिभागियों के लिए. जांच जारी है, लेकिन फिलहाल आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है.