सूरत: गुजरात के सूरत के श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट में 9 सितंबर को लगी भीषण आग के पीछे चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. एक पूर्व कर्मचारी ने मालिक से बदला लेने के लिए आग लगाई थी. उसका आरोप है कि मालिक ने 10 हजार रुपए सैलरी रोक ली थी और अपमान भी किया था. इस आग में चार कारोबारियों के 17 दुकानों में रखा करीब 24 करोड़ रुपए का सामान जलकर राख हो गया.
पुलिस ने सोमवार को 33 वर्षीय विनोद साल्वे को गिरफ्तार कर लिया. वह महाराष्ट्र के धुले का रहने वाला है. साल्वे अप्रैल 2026 से हनुमान प्रसाद जावार की दुकान में अकाउंटेंट के रूप में काम करता था. उसे 30 हजार रुपए मासिक वेतन मिलता था. पुलिस के अनुसार, साल्वे ने नौकरी इसलिए छोड़ दी क्योंकि उसका दावा है कि जावार और दूसरे अकाउंटेंट उसे अपमानित करते थे तथा परफॉर्मेंस पर सवाल उठाते थे. नौकरी छोड़ते समय मालिक ने उसके 10 हजार रुपए बकाया रख लिए थे.
जांचकर्ताओं के मुताबिक, साल्वे ने 8 सितंबर को पेट्रोल पंप से प्लास्टिक बैग में पेट्रोल खरीदा. नकाब बांधे हुए वह चोरी-छिपे दुकान में घुसा, सामान पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी और तेजी से भाग गया. सीसीटीवी फुटेज और टेक्निकल सर्विलांस के जरिए पुलिस उस तक पहुंची.
गिरफ्तारी के बाद साल्वे ने गुनाह कबूल करते हुए कहा कि वेतन वाले झगड़े और अपमान का बदला लेने के लिए उसने यह वारदात अंजाम दी. वह मालिक को सबक सिखाना चाहता था. जावार का कहना है कि उन्हें अकेले 6 करोड़ रुपए की क्षति हुई है. पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है.