कोलकाता में आरजीकर पार्ट-2, IAS की पत्नी के साथ हुई घटना पर भड़का हाईकोर्ट!

Global Bharat 30 Sep 2024 03:23: PM 3 Mins
कोलकाता में आरजीकर पार्ट-2, IAS की पत्नी के साथ हुई घटना पर भड़का हाईकोर्ट!

आरजीकर मेडिकल कॉलेज के केस में सीबीआई की जांच क्यों जरूरी थी, बंगाल पुलिस जांच करती तो क्या होता, संजय रॉय और संदीप घोष जैसे आरोपी आज कैसे बाहर घूम रहे होते, इसका किस्सा आप सुनेंगे तो एक ही सवाल पूछेंगे कि ममता बनर्जी के अंदर थोड़ी बहुत भी ममता बची है क्या. ये कहानी है 14 जुलाई 2024 की, यानि कोलकाता केस के ठीक 23 दिन पहले की. रात करीब 11.30 बजे एक आईएएस के घर में एक बदमाश घुसता है, गन प्वाइंट पर उनकी बीवी को बंधक बनाता है, उनके साथ गलत करता है और बाहर निकल जाता है.

इधर महिला रोती हुई एफआईआर करवाने की सोचती है, तभी 7 घंटे के भीतर सुबह 6.30 बजे दूसरी बार वही बदमाश उनके घर में दाखिल होता है और फिर वही करता है, जिसे सुनकर आपकी भी अंतरात्मा हिल जाएगी, लेकिन बंगाल पुलिस उस आरोपी को सलाखों की पीछे रखने की बजाय जमानत दिलवा देती है, क्योंकि कोर्ट में मुकदमा जैसे ही जाता है, पुलिस ठीक से पैरवी नहीं कर पाती, और केस की फाइल दोबारा तब खुलती है, जब मामला हाईकोर्ट पहुंचता है. हाईकोर्ट के न्यायाधीश राजश्री भारद्वाज बंगाल पुलिस से पूछते हैं.

FIR में जरूरी धाराएं पुलिस ने क्यों नहीं लगाई, आरोपी के घर में घुसने और बाहर आने की सीसीटीवी फुटेज की जांच क्यों नहीं की. महिला की शिकायत के तुरंत बाद मेडिकल जांच क्यों नहीं करवाई गई. चार्जशीट से छेड़छाड़ किसने की. कोलकाता पुलिस कमिश्नर उस वक्त लेक पुलिस स्टेशन में मौजूद अधिकारियों के खिलाफ एक्शन लें. लालबाजार की डिप्टी कमिश्नर रैंक की पुलिस अधिकारी इस मामले की जांच करेंगी.

महिला का आरोप है कि वो अपने बेटे के साथ साल्ट लेक थाने में गई तो वहां पुलिस वालों ने काफी लंबा इंतजार करवाया, बड़ी मुश्किल से एफआईआर दर्ज की और आरोपी को गिरफ्तार किया तो फिर शिकायत वापस लेने का भी पुलिस ने दबाव बनाया. जब शिकायत वापस नहीं ली तो बेटे और महिला दोनों को बेवजह थाने में बुलाया, मेडिकल जांच कराने में एक दो दिन की नहीं बल्कि 6 दिन की देरी की. ये सारी बातें जैसे ही सामने आई हर कोई यही पूछने लगा कि क्या ममता राज में बड़े-बड़े अधिकारियों का परिवार भी सुरक्षित नहीं है, एक आईएएस अधिकारी जो पूरे जिले का मालिक होता है, जो मंत्रालय में बैठ जाए तो पूरे प्रदेश के अधिकारी उसे रिपोर्ट करते हैं, उसकी पत्नी को न्याय कोलकाता पुलिस क्यों नहीं दिलवा पाई, क्या आरोपी कोई रसूख वाला था. बीजेपी नेता नाजिया इलाही खान ममता राज में हुई इस घटना पर जो कहती हैं, उसे सुनकर हो सकता है आपकी भी रगों में उबाल उठने लगे.

अब एक अधिकारी की पत्नी के साथ जब ऐसा हो सकता है, और उन्हें न्याय के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ सकता है, तो सोचिए उस डॉक्टर बिटिया के केस में क्या होता, जिसका परिवार आज भी इंसाफ की आस में बैठा है, जिसके लिए कोलकाता की सड़कों पर हजारों की संख्या में भीड़ उतरी, क्या डॉक्टर बिटिया के केस में संजय रॉय के ऊपर सारा आरोप मढ़कर बाकियों को बचाने की तैयारी थी, शायद सीबीआई जांच नहीं करती तो संदीप घोष जैसा रसूखदार आरोपी कभी सलाखों के पीछे नहीं पहुंच पाता.

आज बंगाल की ये हालत उस दौर की याद दिलाती है, जब बिहार में एक आईएएस की पत्नी के साथ एक रसूखदार नेता के बेटे ने 2 साल तक दरिंदगी की, और सबकुछ जानते हुए भी वहां की सरकार और पुलिस प्रशासन कुछ नहीं कर पाई, तो क्या ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल को 1995 वाले बिहार के दौर में पहुंचा दिया है, ये सवाल इतना गंभीर है जिसका जवाब हर हिंदुस्तानी को एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते देना चाहिए.

Kolkata Case Mamata Banerjee Durga Puja Kolkata IAS Wife

Recent News